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Aligarh News: आरपीएफ-जीआरपी की बड़ी कार्रवाई, टॉप-10 बदमाश समेत तीन शातिर चोरों को दबोचा

Sun, 05 Jul 2026 03:13 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मुख्य आरोपी सर्जन सिंह एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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अलीगढ़ आरपीएफ और जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। 5 जुलाई तड़के घेराबंदी कर तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया। इनमें जीआरपी आगरा अनुभाग का टॉप-10 अपराधी भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी का एक सोने का मंगलसूत्र मिला है। साथ ही तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 2.03 लाख रुपये आंकी गई है। 

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आरपीएफ पोस्ट कमांडर अजित तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत की गई। रविवार सुबह करीब 3:30 बजे अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के पास संदिग्धों की सूचना मिली थी। हावड़ा एंड टावर वैगन सेट के निकट निर्माणाधीन भवन के पीछे ये संदिग्ध मौजूद थे। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने यात्रियों की लापरवाही का फायदा उठाकर चोरी करना स्वीकार किया।

गिरफ्तारी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सर्जन सिंह, अब्दुल सिद्दीकी और चेतन कुमार के रूप में हुई है। सर्जन सिंह एटा के थाना जलेसर क्षेत्र के ग्राम गदाई का निवासी है। अब्दुल सिद्दीकी मसौली का रहने वाला है। चेतन कुमार हाथरस के थाना सिकंद्राराऊ क्षेत्र के नगला माहसिंहपुर का निवासी है। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का सोने का मंगलसूत्र और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिले। बरामद सामान से जीआरपी अलीगढ़ में पहले से दर्ज मामलों का खुलासा हुआ है।
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मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी सर्जन सिंह एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। ये मुकदमे जीआरपी अलीगढ़, मथुरा, आगरा कैंट, फिरोजाबाद और प्रयागराज में दर्ज हैं। सर्जन सिंह जीआरपी आगरा अनुभाग का टॉप-10 घोषित अपराधी है। वह लंबे समय से रेलवे यात्रियों को निशाना बना रहा था।

कार्रवाई में शामिल टीम
इस कार्रवाई में आरपीएफ और जीआरपी के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। आरपीएफ से सहायक उपनिरीक्षक विनोद कुमार नागर और हेड कांस्टेबल सचेंद्र पाल सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांस्टेबल नवल किशोर शर्मा और सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार विश्वकर्मा (क्राइम विंग) भी टीम का हिस्सा थे। जीआरपी की ओर से उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह और उनकी टीम ने सहयोग किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय भेज दिया है।

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