फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनेंगी तीन नई अदालतें, मिलेगा इंसाफ

विज्ञापन
विज्ञापन
मोदी सरकार का नारा न्याय आपके द्वार जल्द ही साकार होने जा रहा है। जिला मुख्यालय पर व्यापारियों के जीएसटी मामलों के निस्तारण के लिए पुराने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में कामर्शियल कोर्ट छह माह पहले ही खुल गई है। जल्द ही नौरंगीलाल इंटर कालेज में दीवानी से सटी पुरानी बिल्डिंग में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कोर्ट भी खुलने जा रही है। यही नहीं तहसील गभाना स्थित हाल में ग्राम न्यायालय खुलने जा रहा है। यह सभी न्यायालय अगले माह से आरंभ होने के आसार हैं। इनके बाद फरियादियों को अपनी हर समस्या के लिए जिला मुख्यालय नहीं भटकना पड़ेगा। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि सभी न्यायालयों में सीनियर जज बैठकर वादों का निस्तारण करेंगे। जिले में तीनों अदालतों के सफल संचालन के बाद प्रदेश में यह व्यवस्था लागू होगी।
विज्ञापन

1-ग्राम न्यायालय- ग्राम सभा के स्तर पर जमीनी विवाद, राजस्व भूमि पर कब्जा, छुटमुट झगड़ों को निपटाने के लिए ग्राम अदालत का गठन हो रहा है। गभाना में ऐसी पहली अदालत बन रही है। ये एक मॉडल के रूप में काम करेगी। ट्रायल सफल रहा तो अन्य तहसीलों में भी इनकी स्थापना होगी। यह न्यायालय तहसील गभाना के 24 गुणा 7.50 मीटर के हाल में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर उप समिति एवं अवस्थापना ने लोक निर्माण विभाग से हाल के पुनरोद्घार एवं इसे न्यायालय की शक्ल देने के लिए 10.74 लाख का एस्टीमेट बनवाकर एसडीएम गभाना के माध्यम से अनु सचिव उत्तर प्रदेश शासन अनुभाग दो अधीनस्थ न्यायालय लखनऊ के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। यहां से दो लाख रुपया आवंटित भी हो गया है, लेकिन यह राशि अब तक डीएम के खाते में नहीं आई है।
2-कामर्शियल न्यायालय- एडीएम वित्त एवं राजस्व के कलक्ट्रेट स्थित पुराने कार्यालय में छह माह पूर्व खुले न्यायालय में सीनियर जज बैठते हैं। इस न्यायालय को तैयार करने के लिए शासन से पांच लाख रुपया बजट स्वीकृत हो गया है। कर अदालत में जीएसटी और पुराने वैट के मामले निपटाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

3-मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय- पूर्व में इसे दीनदयाल अस्पताल में स्थापित किया गया था। डायस से लेकर न्यायालय के लिए आवश्यक हर चीज का निर्माण हुआ। लेकिन ऐन मौके पर अधिवक्ताओं के पुरजोर विरोध के चलते इस न्यायालय को अब नौरंगीलाल इंटर कालेज में दीवानी कचहरी से सटी पुरानी इमारत में स्थापित करने की योजना है। इन्फ्रास्ट्रक्चर उप समिति एवं अवस्थापना ने पीडब्लूडी से 35.65 लाख का एस्टीमेट डीएम से स्वीकृत कराकर परिवहन आयुक्त लखनऊ को भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें