जिला पंचायत अध्यक्ष पद के भविष्य को लेकर तीन माह से मची खींचतान में तीन दिन शेष हैं। हालांकि दोनों ही गुटों द्वारा दावे किए जा रहे हैं। मौजूदा अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू का खेमा 11 साल से अजेय अपना विजय रथ आगे बढ़ाने के लिए अंदर ही अंदर तैयारी कर रहा है। इस गुट के समर्थन में पूर्ण बहुमत होने की बात कही जा रही है। वहीं विरोधी खेमा इस बार विजय रथ को आगे न बढ़ने देने की पुरजोर तैयारी का दावा कर रहा है।
अब छह अक्तूबर को दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जिस गुट को 52 सदस्यों वाले जिला पंचायत सदन में 27 सदस्यों का समर्थन होगा, वही विजय रथ पर सवार होगा।
विरोधी खेमे ने नरेंद्र वर्मा को अपना नेता चुन लिया है। इसका खुलासा अमर उजाला ने सबसे पहले चार जुलाई के अंक में कर दिया था, जिसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू ने नरेंद्र वर्मा के विरोधी खेमे के नेता चुने जाने की संभावना व्यक्त की थी, बाद में वही हुआ।
इस गुट को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान जिपं सदस्य चौ. सुधीर सिंह और अजित गौड़ के साथ अन्य कुछ लोगों का समर्थन प्राप्त है। गौर हो कि जिला प्रशासन को पेश किए गए दावे में दोनों ओर से जो सूची दी गई है, उसमें 13 जिपं सदस्य दोनों ओर से शामिल थे। दोनों खेमों ने इनका समर्थन अपने पास होने का दावा किया था। अब पूरा दारोमदार ही इनके ऊपर होगा। ये जिस ओर करवट लेंगे, वही खेमा मजबूत होगा।
बहरहाल, इन दिनों दोनों ही गुटों के सदस्य उत्तर भारत के अलग-अलग स्थानों पर हैं।
जहां सदस्यों को पूर्ण सुविधाओं के साथ रखा गया है, जिससे वह चुनाव में संबंधित गुट को पूरी दम दे सकें। अब जिला पंचायत के अविश्वास प्रस्ताव में तीन दिन का समय ही शेष है। छह अक्तूबर को जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पेश होगा।
बेटे ने दर्ज कराया मां के अपहरण का केस, मां बोली तीर्थ यात्रा पर हूं
अतरौली चतुर्थ (वार्ड नंबर आठ) की जिला पंचायत सदस्य सुनीता देवी के अपहरण का मुकदमा उनके बेटे ने दर्ज करा दिया। लेकिन कुछ देर बाद ही सुनीता देवी का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह कह रही हैं कि उनका अपहरण नहीं हुआ है। पूर्व मंत्री जयवीर सिंह और एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया के बहकाने पर उनके बेटे ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
कोतवाली के गांव औरेनी दलपतपुर निवासी सुनीता देवी पत्नी रामेश्वर दयाल वार्ड नंबर आठ से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनके पुत्र गौरव दयाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह व जिला पंचायत सदस्य सुमन दिवाकर 20 सितंबर को उसकी मां का घर से अपहरण कर ले गए। तब से उसकी मां का पता नहीं है।