मनोज माहेश्वरी
डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा की फर्जी डिग्रियों से मास्साब बने तीन शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग अब इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। यह कार्रवाई जेडी की आख्या पर एडी (माध्यमिक शिक्षा) इलाहाबाद ने की है।
सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए ढाई साल पहले आए आवेदकों के बाद चयन में तीन अध्यापकों की नियुक्ति राजकीय विद्यालयों में की गई थी। इसमें अहमद हुसैन व विपुल तिवारी की नियुक्ति राजकीय विद्यालय बस्तोई हाथरस में हुई थी, जबकि मनोज की तैनाती राजकीय विद्यालय मई हाथरस में हुई थी।
इन्हें वेतन देने से पहले कुछ शक होने पर जेडी (माध्यमिक शिक्षा) अलीगढ़ अजय द्विवेदी ने इनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया तो फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ। इन तीनों ने आगरा यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री अपने आवेदनों में लगाई थी।
इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी आख्या में की। अहमद हुसैन व मनोज की बीए और बीएड की डिग्री फर्जी और विपुल की बीएड की डिग्री फर्जी निकली। यूनिवर्सिटी प्रशासन की रिपोर्ट से स्पष्ट था कि इन तीनों ने फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी हासिल की है। इस पर जेडी ने इन्हें नोटिस दिया तो मनोज ने तो स्पष्टीकरण ही नहीं दिया, जबकि विपुल और अहमद हुसैन ने जो स्पष्टीकरण दिया, वह तथ्यहीन था।
इस दौरान शासन ने नियुक्ति का अधिकार जेडी से हटाकर एडी इलाहाबाद को दे दिया तो इन सिलसिले में अपनी पूरी जांच आख्या जेडी ने एडी इलाहाबाद को भेजी थी। इसमें इन तीनों की नियुक्ति निरस्त कर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की थी। अब विभाग ने इन तीनों को बर्खास्त कर दिया है। इसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है।
मैंने इस सिलसिले में एडी इलाहाबाद को आख्या भेजी थी। इस आख्या पर एडी ने इन तीनों की नियुक्ति निरस्त कर दी है। अभी इन तीनों के खिलाफ एफआईआर भी होगी। इन तीनों ने नौकरी पाने के लिए फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए थे। -अजय द्विवेदी, जेडी माध्यमिक शिक्षा