एनएच-93 पर गांव कुंवरपुर के निकट श्रद्धालुओं से भरी एक बस बुधवार की देर शाम अनियंत्रित होकर पलट गई। इस बस नीचे दबकर बाइक सवार एक गर्भवती महिला उसकी बेटी और उसका नवजात शिशु की मौत हो गई। दुर्घटना में दो दर्जन से ज्यादा बस यात्री भी घायल हो गए। दुर्घटना के बाद जमकर बबाल हुआ। ग्रामीणों ने एनएच पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक जाम लगाए रखा। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर पथराव किया और मारपीट की।
एसडीएम सदर की गाड़ी सहित कई सरकारी वाहनों को ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक बारगी तो पुलिसकर्मी भी जान बचाकर भागे। आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस पलट दी और उसमें आग लगाने की कोशिश की। बाद में कई राजनेताओं व प्रभारी डीएम ने मौके पर पहुंच कर स्थिति संभाली और जाम खुलवाया। समाचार लिखे जाने तक कई घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई थी।
मध्यप्रदेश के सीपरी जिले के श्रद्धालुओं की एक बस चार धाम यात्रा पर गई थी, उसके बाद यह श्रद्धालु सोरों गंगा स्नान के लिए गए थे। बुधवार की शाम करीब साढे छह बजे श्रद्धालुओं से भरी यह बस जब वापस जा रही थी तो एनएच-93 वाइपास पर गांव कुवंरपुर के निकट एक गाय को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित हो गई और पलट गई। इसी दौरान गांव कुंवरपुर निवासी रवि अपनी गर्भवती पत्नी आरती (25 वर्ष) व साढ़े तीन साल की बेटी भूमि के साथ बाइक पर सवार होकर शहर के एक अस्पताल में आ रहा था।
अस्पताल में उसके छोटे भाई की पत्नी दाखिल थी। रवि की बाइक के ऊपर पलट कर यह बस गिरी तो रवि की पत्नी आरती व उसकी बेटी भूमि की मौके पर ही मौत हो गई और रवि भी गंभीर रुप से घायल हो गया। आरती के पेट से उसका नवजात बच्चा बाहर निकल आया और थोड़े समय बाद इस बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण मौके पर आ गए और इधर बस के पलटने से इसमें सवार दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए और चीख-पुकार मचाने लगे। ग्रामीणों ने जब मौके पर आरती व उसकी बेटी के शव को देखा तो वह आक्रोशित हो गए।
घायलों को ले जाती एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलने पर हाथरस गेट और चंदपा पुलिस के अलावा कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। एंबुलेंस थोडी देरी से पहुंची, इस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच सड़क पर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा काटा। बस को सीधा करने पहुंची क्रेन चालक को पीटा और उसके बाद पुलिस दल पर जमकर पथराव किया। कई पुलिसकर्मियों की ग्रामीणों ने जमकर धुनाई की। पुलिस ने जब स्थिति विपरीत देखी तो कुछ पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर भागे। ग्रामीणों ने इस दौरान आगजनी का भी प्रयास किया। मौके पर जब एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह तो पहुंचे तो उनकी गाड़ी पर भी ग्रामीणों ने पथराव कर दिया और शीशे आदि तोड़ दिए। घटना स्थल पर घायलों को लेने पहुंची एंबुलेंस को भी ग्रामीणों ने पलट दिया और पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
ग्रामीणों का यह कहना था कि इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी है, लेकिन फिर भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनवाए जा रहे। करीब दो घंटे बाद जब वहां कई राजनेता व प्रभारी डीएम डीपी सिंह और एडीएम रेखा एस चौहान पहुंचे और यह आश्वासन दिया कि जल्द ही यहां ब्रेकर लगवाए जाएंगे। तब जाकर आक्रोशित लोगों ने जाम खोला। रात्रि नौ बजे शवों को जिला अस्पताल लाया गया। वही आधा दर्जन से ज्यादा घायलों को जिला अस्पताल से गंभीर अवस्था में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।