गीतम व आसिफ पर फायरिंग का आरोप था। पुलिस विवेचना व बयानों में उजागर हुआ कि एएमयू में छात्रसंघ चुनाव में हुए झगड़ों में दो गुटों में रंजिश पनप गई थी। इसी रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीडीआर व बयानों के आधार पर आसिफ, गीतम और आबिद को जेल भेजा। इनसे हथियार बरामद किए। बाद में तीनों पर चार्जशीट दी। इसी मामले में न्यायालय ने तीनों को मंगलवार को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया। अब 22 जनवरी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
हत्या के बाद हुआ था बवाल
इस हत्याकांड के बाद एएमयू छात्रों ने जमकर उपद्रव किया था। जाम, हंगामा प्रदर्शन के बीच छात्रों को पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत किया था। पुलिस ने आनन-फानन आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था।हत्या के बाद तीनों जेल भेजे गए थे। बाद में जमानत पर आने के बाद तीनों अपने-अपने घर चले गए। अब जॉब कर रहे थे।