फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम की गाड़ी पर हमला: तीन आरोपी भेजे जेल, सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराते समय भीड़ हुई थी उग्र

Fri, 31 Oct 2025 12:48 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

हंगामें के बीच वहां से एसडीएम अतरौली की गाड़ी निकल रही थी, जिस पर पथराव किया गया। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। चालक व गनर घायल हो गए। एसडीएम को भागकर जान बचानी पड़ी।
विज्ञापन
जेल भेजे तीन आरोपी - फोटो : पुलिस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ महानगर के असदपुर-कयामपुर इलाके में 29 अक्तूबर शाम एसडीएम अतरौली की गाड़ी पर पथराव मामले में 30 अक्तूबर को तीन आरोपियों जेल भेज दिया गया। यह घटना उस समय हुई थी, जब नगर निगम व तहसील कोल की टीम सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने गई थी। इधर, बृहस्पतिवार को इलाके में पुलिस बल भी तैनात रहा।

विज्ञापन


इस मामले में नगर निगम के संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता की ओर से आठ नामजद व 20 से 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें गाटा संख्या 328 राजस्व अभिलेखों में ऊसर अंकित भूमि पर अतिक्रमण होने व इसे हटाने गई टीम पर पथराव कर हमला करने का आरोप है।
यह भी पढ़ें... UP: जमीन कब्जामुक्त कराने पहुंची अफसरों की टीम पर हमला, पथराव कर एसडीएम की गाड़ी तोड़ी, दौड़ाया
विज्ञापन

इस बीच टीम को दौड़कर जान बचानी पड़ी। तभी वहां से एसडीएम अतरौली की गाड़ी निकल रही थी, जिस पर पथराव किया गया। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। चालक व गनर घायल हो गए। एसडीएम को भागकर जान बचानी पड़ी। वहीं, नगर निगम लोडर ट्रक के शीशे भी टूट गए थे। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार इस घटना में नामजद रवि, राम खिलाड़ी व शिवाजी को जेल भेज दिया है। बाकी की तलाश जारी है। वहीं गांव में पुलिस तैनात है।

विज्ञापन

एसडीएम की गाड़ी पर पथराव के बाद प्रशासन का मंथन, समीक्षा की

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के दौरान असदपुर कयाम में बुधवार को हुई पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को घटना की समीक्षा की। यह जानने का प्रयास किया कि कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान आखिर कहां कमी रह गई।

डीएम संजीव रंजन ने घटना के समय मौजूद रहीं एसडीएम कोल महिमा राजपूत और एडीएम प्रशासन पंकज कुमार से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। समीक्षा के दौरान कार्रवाई के समय को लेकर नगर निगम से पूछा गया। डीएम ने सवाल किया कि इतनी महत्वपूर्ण कार्रवाई के लिए दिन में शाम का समय ही क्यों तय किया गया? नगर निगम और तहसील प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई बुधवार को शाम चार बजे शुरू की थी, जबकि सर्दियों में इस समय तक शाम ढलने लगती है। जबकि यह कार्रवाई दिन के समय और भी प्रभावी तरीके से हो सकती थी।

प्रशासन अब आगे ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता और सही समय पर कार्रवाई की रणनीति पर विचार कर रहा है। डीएम संजीव रंजन ने कहा कोई भी घटना होने के बाद उसकी समीक्षा करना आवश्यक होता है ताकि भविष्य के लिए सही रणनीति बनाई जा सके।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें