जेएसएम कंपनी व उसके मालिकों ने यमुना एक्सप्रेस वे के निकट ग्राम गौरोला के किसानों की जमीन को अपनी जमीन दिखाते हुये बिना यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अनुमति के अवैध तरीके से प्लॉटिंग कर यूपी व आस–पास के राज्यों के निवेशकों को बेच दिए गए। जब निवेशक मौके पर कब्जा लेने पहुंचे तो किसानों ने बताया कि जेएसएम कंपनी की कोई जमीन वहां नहीं है। न ही उन नंबरों पर कोई कालोनी काटी गई। जो नक्शा कंपनी ने दिखाया, उसमें किसान खेती करते मिले।
किसानों के साथ धोखाधड़ी
जेएसएम कंपनी व उसके मालिकों ने गौरोला गांव के किसानों के साथ धोखाधड़ी करते हुए अवैध तरीके से जमीन खरीदी । कुछ मामलों में किसानों को उनकी कुल जमीन का रुपया भी नहीं दिया गया। कुछ मामलों में फर्जी बैनामा तैयार करके किसानों से अवैध तरीके से जमीने हड़प ली गई ।
निवेशकों संग धोखाधड़ी
निवेशकों को जमीन दिखाई जाती थी। जमीने कृषि भूमि दर्ज पाई गई। अवैध तरीके से प्लाटिंग कर जमीन को बेच दिया। कई निवेशकों के साथ नान-रजिस्टर्ड एग्रीमेन्ट किया गया। जब जमीन नहीं मिली तो निवेशकों ने पैसा वापस मांगा गया तो निवेशकों को डरा धमकाकर भगा दिया गया।