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Aligarh: परिवार को लगातार मिल रही धमकियों से टूट रहा सरहद पर तैनात फौजी का मनोबल, डीएम से मांगी सुरक्षा

Tue, 30 Jun 2026 11:22 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मामले की गंभीरता को देखते हुए बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रशांत भारद्वाज ने अलीगढ़ पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर सैनिक के परिवार के लिए तत्काल सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
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कोतवाली इगलास - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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देश की सीमा पर उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना की 9वीं बटालियन (जाट रेजिमेंट) के एक सूबेदार के परिवार को उनके पैतृक गांव में दबंगों द्वारा प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रशांत भारद्वाज ने अलीगढ़ पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर सैनिक के परिवार के लिए तत्काल सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ जिले की इगलास तहसील के ग्राम डिगसारी निवासी सूबेदार विनोद कुमार वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत हैं और उनकी तैनाती देश की सीमा पर एक बेहद संवेदनशील व कठिन इलाके में है। गांव में उनके परिवार का एक पैतृक रास्ता और भूमि है, जिसका उपयोग परिवहन और दैनिक कार्यों के लिए किया जाता है।

आरोप है कि सूबेदार विनोद कुमार के ही कुछ दबंग रिश्तेदार भूपेंद्र सिंह (बव्वन), नरेंद्र सिंह और रितिक कुमार उसी आम रास्ते पर अवैध रूप से अपना नया मकान बना रहे हैं। जब फौजी के परिवार ने इस अवैध निर्माण का विरोध किया, तो उक्त आरोपियों ने पूरे परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
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कमान अधिकारी ने लिखा भावुक और कड़ा पत्र
सैन्य अधिकारी कर्नल प्रशांत भारद्वाज ने जिला प्रशासन को लिखे पत्र में कहा है कि सूबेदार विनोद कुमार एक अत्यंत ईमानदार और अनुशासित सैनिक हैं, जिन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा से देश की सेवा की है। दुर्गम क्षेत्र में तैनाती के कारण फौजी को बार-बार छुट्टी नहीं दी जा सकती, जिसके चलते वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। घर पर लगातार मिल रही धमकियों के कारण सरहद पर तैनात देश के रक्षक का मनोबल टूट रहा है।

सेना की ओर से जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले का संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व विस्तृत जांच करने के निर्देश दें। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को संवेदनशील बनाते हुए पीड़ित परिवार को तुरंत पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई है। पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि जब भी सूबेदार विनोद कुमार छुट्टी पर आएं, तो उन्हें भविष्य की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से मिलने का समय दिया जाए। पत्र की प्रतिलिपि एसएसपी नीरज कुमार जादौन को भी भेजी गई है।  जिलाधिकारी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे एसएसपी को अग्रसारित कर दिया गया है।

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