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इस बार बिना लक्ष्य होगी गेहूं खरीद

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धनीपुर मंडी में गेंहू की खरीद करते लोग। - फोटो : CITY OFFICE
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इसे किसान आंदोलन की तपिश कम करने की कोशिश कहें या सरकार की दरियादिली, जो भी हो, लेकिन इस बार गेहूं खरीद लक्ष्यविहीन होगी। सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये क्विंटल कर दिया है। जो पिछले साल के समर्थन मूल्य 1850 रुपये क्विंटल से 125 रुपये ज्यादा है, वहीं खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं करके किसानों को सहूलियत भी दी है। अब वे स्वेच्छा और उपलब्धता के आधार पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। बृहस्पतिवार से शुरू हुई खरीद के पहले दिन मात्र खैर मंडी में तीन किसानों से 180 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। बताते चलें कि इस बार जिले में 94 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
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पिछले साल हुई थी लक्ष्य से ज्यादा खरीद
पिछले साल कोविड महामारी के दौर में लक्ष्य से ज्यादा खरीद हुई थी। खरीद लक्ष्य था एक लाख 2 हजार 500 मीट्रिक टन। इसके सापेक्ष जिले के 26500 किसानों से एक लाख 8 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
10 अप्रैल के बाद खरीद में आएगी तेजी
गेहूं खरीद भले ही बृहस्पतिवार से आरंभ हो गई हो, लेकिन खरीद में तेजी 10 अप्रैल के बाद आने की संभावना है। दरअसल इस समय गेहूं की कटाई चल रही है।
प्रबंध निदेशक एसडब्ल्यूसी एवं नोडल अधिकारी गेहूं खरीद ने की मंडल में गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा
गेहूं खरीद 2021-22 के लिए शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी व प्रबंध निदेशक, एसडब्ल्यूसी, लखनऊ श्रीकांत गोस्वामी ने बृहस्पतिवार को अलीगढ़ मंडल के सभी मंडलीय एवं जनपदीय गेहूं क्रय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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बैठक में मंडल में गेहूं खरीद की तैयारियों का जायजा लिया गया। बताया गया कि मंडल में विभिन्न क्रय एजेंसियों के 294 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। नोडल अधिकारी द्वारा सभी एजेंसियों के जनपदीय व मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन स्तर से जितने क्रय केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है उतने क्रय केंद्र अवश्य स्थापित किए जाएं। उन्होंने अलीगढ़ एवं हाथरस में पीसीएफ के क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जनपद हाथरस एवं अलीगढ़ में भारतीय खाद्य निगम के एक-एक क्रय केंद्र बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से अलीगढ़ मंडल में मंडी परिषद के 13 क्रय केंद्र स्थापित किये जाने हैं, परंतु केवल 05 केंद्र ही स्थापित किए जाने पर अप्रसन्नता प्रकट करते हुए उन्होंने मंडी परिषद के अधिकारियों को क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा में पाया गया कि मंडल में बोरे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, क्रय एजेंसियों के पास धनराशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। आरएफसी के स्तर से बोरे उपलब्ध करा दिए गए हैं।
बैठक में पीसीएफ द्वारा बताया गया कि आज ही उनके खाते में अलीगढ़ के लिए 18.00 लाख, कासगंज के लिए 11.00 लाख, एटा के लिए 10.08 लाख, हाथरस के लिए रुपये 12.60 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। पीसीएफ एजेंसी में अलीगढ़ को छोड़कर अन्य जनपदों में अभी ठेकेदारों की नियुक्ति नहीं हो पायी है, इस पर गोस्वामी ने तत्काल ठेकेदार नियुक्त करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार पीसीयू एवं यूपीएसएस एटा द्वारा भी अभी ठेकेदारों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप निरंतर भ्रमणशील रहते हुए शासनादेशानुसार किसानों से गेहूं खरीद सुनिश्चित की जाए। बैठक में अशोक कुमार पाल, आरएफसी, अलीगढ़, समस्त जनपदों के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, पीसीएफ के मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
नोडल अधिकारी द्वारा सांय 4:00 बजे खैर मंडी स्थित खाद्य विभाग एवं मंडी परिषद के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर 2 किसानों की तौल की गई है और मंडी समिति के क्रय केंद्र पर 01 किसान से तौल होती पायी गई।
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