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कारोबार पर फिर कोरोना संकट, टूर निरस्त करा रहे उद्यमी

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आईटीआई रोड़ इंडस्ट्री एरिया में ताले बनाते कर्मचारी। - फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा, अलीगढ़।
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कोरोना की पहली लहर में लगे लॉकडाउन से उद्योग-धंधे और बाजार बंद हो गए थे। फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया था। धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए तो उम्मीद थी कि बाजार फिर से रफ्तार पकड़ेगा। लेकिन कच्चे माल की तेजी से उद्यमी उबर भी नहीं पाए थे कि फिर से कोरोना संकट आ गया है।
उद्यमियों की मानें तो मार्च 2020 से अब तक कोरोेना एवं कच्चे माल के भाव में तेजी के कारण कारखानों में 30 से 40 प्रतिशत ही उत्पादन हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में कारोबार के सिलसिले में बाहर जाने वाले उद्यमी अब अपनी यात्राएं स्थगित करा रहे हैं।
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अलीगढ़ जिले में ताला, हार्डवेयर, आर्टवेयर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद का निर्माण व्यापक स्तर पर होता है। कच्चे माल के तौर पर लोहा, पीतल, जस्ता, स्टील व अन्य कई धातुओं का इस्तेमाल होता है। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक से संबंधित कच्चे माल की जरूरत होती है। कोरोना महामारी के चलते पिछले साल 25 मार्च 2020 से देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन लगा था, जो पांच चरणों में बढ़ते हुए 30 जून तक लागू रहा।
जून में 30 प्रतिशत श्रमिकों एवं अन्य कुछ शर्तों के साथ उद्यमियों को कारखाने शुरू करने की अनुमति दी गई लेकिन इसका विशेष फायदा नहीं हुआ। जुलाई से नवंबर के बीच धीरे-धीरे उत्पादन में सुधार हुआ। नवंबर 2020 में दीपावली के आसपास कच्चे माल के भाव में अचानक तेजी से उत्पादन बेपटरी होने लगा। उद्यमियों की मानें तो मार्च 2020 से अब तक कोरोेना एवं कच्चे माल के भाव में तेजी से कारखानों में 30 से 40 प्रतिशत ही उत्पादन हो पा रहा है।
कोरोना के कारण बाजार में मांग नहीं है। पुराने दाम पर भी खरीदार नहीं है। मामूली मांग एवं श्रमिकों को काम देने के लिए 30 से 40 प्रतिशत उत्पादन कर रहे। वर्तमान रेट पर कच्चा माल खरीदते हैं तो उत्पाद की लागत 15 प्रतिशत बढ़ जाएगी। जबकि बाजार में पुराने रेट पर भी खरीदार नहीं है।
- सुनील दत्ता, महासचिव, तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन
चार अप्रैल से तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं आंध्र प्रदेश के शहरों में बिजनेस यात्रा पर जाने वाला था। कोरोना के कारण यात्राएं स्थगित करनी पड़ीं। हवाई टिकट एवं रेल टिकट रद्द करवा दिए हैं। कोरोना के कारण फिर से उद्योग जगत सहमा हुआ है। आगे क्या होगा किसी को पता नहीं।
- अभिषेक वार्ष्णेय, उद्यमी, औद्योगिक आस्थान
हर प्रदेश में कोरोना से संबंधित अलग-अलग नियम हैं। शहरों के हालात को देखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। एक से दूसरे प्रदेश में जाने के लिए जांच करवानी पड़ती है। क्वारंटीन का नियम है। कहीं कोरोना हो गया तो वहां पर फंसने की नौबत आ जाएगी। बाहर कौन देखभाल करेगा। इसलिए यात्राएं स्थगित कर रहे हैं।
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- दिनेश शास्त्री, मंत्री, औद्योगिक आस्थान उत्पादन समिति
कोरोना का असर उद्योग-व्यापार जगत पर पड़ना शुरू हो गया है। देश के किसी भी राज्य में लॉकडाउन होता है या कोरोना के केस बढ़ते हैं तो अलीगढ़ पर भी प्रभाव पड़ेगा। यहां के उत्पाद की खपत पूरे देश में है। महाराष्ट्र-केरल सहित देश के अन्य राज्यों में अलीगढ़ का अच्छा कारोबार है।
- धनजीत वाडरा, उद्योगपति
कच्चा माल लॉकडाउन से पहले का भाव वर्तमान भाव
लोहे की चादर 44-45 रुपये 55-70
पीतल की चादर 375 435-460
पीतल सिल्ली 285-310 380-400
जस्ता सिल्ली 197 232
एल्युमीनियम सिल्ली 105 135
एसएस रॉड 76 100
एसएस चादर 84 93
प्लास्टिक से संबंधित कच्चा माल
एबीएस 150-165 280
पॉलीकार्बोनेट 180-220 290-325
पीपी 80-90 140-150
ग्लास फील्ड 150-160 200-220
नोट- धातुओं के भाव प्रति किलो उद्यमियों से बातचीत पर आधारित हैं।
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