हाथरस कांड को लेकर जिस तरह से चंद असामाजिक लोगों ने जातीय तनाव के हालात पैदा करने की कोशिश की है। वैसे हालात अलीगढ़-हाथरस में अब नहीं हैं। यहां लोग बेहद समझदार हैं। फिर भी पुलिस को सावधान रहने की जरूरत है।
रहा सवाल पीएफआई से जुड़े लोगों की जांच और इस प्रकरण की जांच का तो अलग-अलग एजेंसियां जांच कर रही हैं। सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। यह बातें बृहस्पतिवार को हाथरस कांड को लेकर विशेष ड्यूटी पर अलीगढ़ रेंज में तैनात किए गए एडीजी राजीव कृष्ण ने कहीं।
उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि हाथरस का मौका मुआयना करने के साथ अलीगढ़ में उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ परिवार के सदस्यों को न्यायपूर्ण कार्रवाई का विश्वास दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कांड को लेकर जातीय दंगा भड़काने की साजिश उजागर होने के बाद सरकार बेहद गंभीर है।
सभी पहलुओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में हमको यहां भेजा गया है। हमारा उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इस दौरान एएमयू में पीएफआई कनेक्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं पर अलग-अलग एजेंसियां जांच कर रही हैं।
जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्हें एजेंसियों को अवगत कराया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गोपनीय टीमें काम कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की संघर्ष जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वे एटा व कासगंज जिले के दौरे पर रहेंगे। वह इन दोनों जिलों में कानून व्यवस्था का जायजा लिया।