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इन सात छात्र नेताओं ने कराया था 15 दिसंबर को एएमयू में बवाल

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अभिषेक शर्मा
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 15 दिसंबर की रात जो हुआ, वह सीएए व एनआरसी का विरोध नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत कराया गया उपद्रव था। उसके पीछे के साजिशकर्ताओं के नाम उजागर हो गए हैं। यह कोई और नहीं, बल्कि एएमयू के ही चंद छात्र नेता हैं। इनमें से सात नाम पुलिस ने सार्वजनिक कर दिए हैं। बाकी नामों को खोजने में पुलिस टीमें जुटी हैं। कैंपस के सीसीटीवी फुटेज, खुफिया इनपुट और अब तक की पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि इन्होंने कैंपस में सीएए व एनआरसी के विरोध की आड़ में छात्रों को भड़काया-उकसाया और फिर पुलिस पर हमलावर हुए। इनका मकसद सिर्फ इतना था कि पुलिस पर हमलावर होकर किसी तरह माहौल बिगड़े। हालांकि, उस घटना से संबंधित मुकदमों में इनमें से ज्यादातर नामजद हैं, मगर अब इनके खिलाफ अलग से बड़ी कार्रवाई की तैयारी पुलिस प्रशासनिक स्तर से की जा रही है। साथ ही एएमयू स्तर से भी इन पर कार्रवाई के लिए डीएम-एसएसपी की ओर से संयुक्त पत्र लिखा जा रहा है।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि 15 दिसंबर की रात 8 बजे के करीब हजार-बारह सौ छात्र व बाहरी युवकों की भीड़ ने पहले बाब-ए-सैयद व पुलिस बैरीकेडिंग तोड़ी और फिर पुलिस पर हमलावर हुए थे। न तो इनकी कोई मांग थी, न एनआरसी या सीएए -जैसे किसी मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे। इनके हाथों में सीधे-सीधे पत्थर और अवैध हथियार थे। ये सीधे आकर पुलिस पर हमलावर हुए और अधिकारियों के समझाने व रोकने पर भी नहीं माने। जब काफी देर तक ये लोग नहीं माने तो मजबूरन पुलिस ने बचाव में आंसू गैस छोड़कर व लाठियां फटकारकर इन्हें करीब तीन घंटे के प्रयास पर नियंत्रित किया गया।
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एसएसपी ने बताया कि इन सभी को बरगलाकर, भावनात्मक रूप से भड़काकर व उकसाकर लाया गया था। इन्हें पहले दिल्ली पुलिस के हमले में दो छात्रों की जामिया में मौत की अफवाह से अवगत कराया। बाद में इन्हें बरगलाकर मौलाना आजाद लाइब्रेरी व यूनियन हाल से लेकर आया गया। यह भागते हुए सीधे हमलावर होकर आ रहे थे, इस बात की गवाही सीसीटीवी दे रहे हैं।
एसएसपी के अनुसार कैंपस के सीसीटीवी, खुफिया जांच व मुकदमों की अब तक की जांच में साफ हुआ है कि यह काम छात्र नेता शरजील उस्मानी, अहमद मुज्तबा फराज, शमीम बारी, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, अमीर उल जैस, नईम अली व जैद शेरवानी ने किया है।
यही छात्र नेता छात्रों को भड़काने, घटना की साजिश रचने के आरोपी हैं। भीड़ में शामिल 20 से 30 फीसदी जमालपुर, जीवनगढ़ व ऊपरकोट के युवकों को भी यही लोग एकत्रित करके साजिश के तहत लाए। इनकी मंशा पुलिस पर व कैंपस से बाहर शहर में हमलावर होकर माहौल बिगाड़ने की थी। अगर पुलिस इन्हें नियंत्रित न करती तो शायद माहौल और ज्यादा अराजक हो सकता था।
ये है आरोपियों का मौजूदा स्टेटस
1- शरजील उस्मानी पूर्व छात्र
2- अहमद मुज्तबा फराज पूर्व छात्र
3- शमीम बारी वर्तमान रिसर्च स्कॉलर
4- सलमान इम्तियाज वर्तमान रिसर्च स्कॉलर
5- अमीर उल जैस एमएसडब्ल्यू छात्र
6- नईम अली एमए छात्र
7- जैद शेरवानी एमएसडब्ल्यू छात्र
- हमारी जांच में अब तक सात-आठ छात्र नेता साजिश के आरोपी के रूप में चिह्नित हुए हैं, अन्य को भी चिह्नित करने का काम जारी है। चिह्नित के विषय में एएमयू इंतजामिया को हमारी ओर से पत्र लिखा जा रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अगर ये लोग छात्र हैं तो इनके खिलाफ एएमयू की ओर से भी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा डीएम स्तर से वार्ता कर इनके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जिला बदर से लेकर जरूरत समझे जाने पर रासुका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर कैंपस से लेकर शहर की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।-आकाश कुलहरि एसएसपी
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जामिया से लौटे कुछ नेता और बवाल कराकर गायब
अलीगढ़। पुलिस जांच में यह बात भी उजागर हुई कि साजिश के आरोपी इन छात्र नेताओं में से कुछ जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली से लौटे थे। उन्हें लगा कि यहां तो शुक्रवार यानी 13 दिसंबर को जुमे के बाद प्रदर्शन कर छात्र शांत हो गए हैं। यहां जामिया जैसा कुछ नहीं हुआ है। यहां भी कुछ ऐसा होना चाहिए। उन्होंने इस बवाल को प्लान किया था। अलीगढ़ ही नहीं, ऐसे वहां से कुछ छात्र बिजनौर व अन्य शहरों में भी पहुंचे थे। जहां-जहां जामिया से नेता पहुंचे, वहां वहां इस तरह के बवाल व पुलिस से टकराव हुए हैं।
वर्जन
-पुलिस प्रशासन की ओर से अभी हमें कोई पत्र नहीं मिला है। जो भी पत्र मिलेगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो.अफीफुल्ला खान प्रॉक्टर एएमयू

शारजील उस्मानी। एएमयू - फोटो : CITY OFFICE

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