क्षेत्र के गांव बरौठा स्थित नवीन गोवंश आश्रय स्थल (गोशाला) में रविवार शाम एक गोवंश की मौत और दो मरणासन्न को देखकर गो सेवकों ने हंगामा कर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधान और पशु चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी है।
जीव दया फाउंडेशन की आशा सिसोदिया ने बताया कि बरौठा गांव की गोशाला में गोवंश की दुर्दशा होने की जानकारी मिलने पर वह कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को गोशाला पहुंची, जहां बुरे हालात थे। एक गोवंश पानी भरे गड्ढे में डूबा हुआ था, जिसे कार्यकर्ताओं ने बाहर निकाला। रविवार को राधा अष्टमी कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को बताया तो वह कार्यक्रम छोड़कर गोशाला पहुंचे, जहां शनिवार को जिंदा मिला गोवंश मृत मिला, जिसे जानवर नोंच चुके थे। बाकी दो मरणासन्न थे।
रजिस्टर में 72 दर्ज, मौके पर 42 मिले
आरोप है कि प्रधान से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह बाहर कहीं दर्शन करने गए थे। गोशाला के रजिस्टर में 72 गोवंश दर्ज हैं, जबकि पशु चिकित्सक ने 60 बताए और मौके पर केवल 42 गोवंश मिले। भूसी कीड़ेयुक्त थी तो चारा सड़ा हुआ था। सूचना पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिन्होंने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया। घटना के बाद ग्राम प्रधान शांति देवी ने फोन स्विच ऑफ कर लिया, जबकि पंचायत सचिव अनुपमा सिंह ने फोन नहीं उठाया। इस मौके पर विहिप के असीम शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष गीता मित्तल, हरदुआगंज नगर अध्यक्ष अनिल शर्मा, नगर संयोजक अनुज गौड़, मंडल अध्यक्ष मनोज भारद्वाज, हिंदू धर्म रक्षक दल के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी, गोरक्षक दल के कोषाध्यक्ष अंकित सैनी आदि थे।