विजयगढ़ के गांव खुर्रमपुर कांड में शौचालय को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों से दो लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को हसीन पुत्र बुंदू खां की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार को दूसरे पक्ष से घायल रामवीर की मौत हो गई। शुक्रवार को रामवीर पक्ष की ओर से कहा गया कि अगर बात सिर्फ शौचालय की होती, तो भी कोई बड़ी बात नहीं थी। शौचालय की ओर से ही पूरे नगला मेवाती का पानी खेत में आ रहा है। इस कारण पूरा खेत कृषि के उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। शौचालय तोड़कर नाली का निर्माण करने की नीयत थी, जिससे खेत में पानी न रुक सके।
मृतक रामवीर के बहनोई आरएस शर्मा का कहना है कि आठ वर्ष पहले रामवीर ने यह जमीन बुंदू खां से खरीदी थी, लेकिन इस शौचालय का उपयोग 14 महीने पहले ही हुआ है। उस समय परिवार गांव से जाकर कुछ समय के लिए नौरंगाबाद स्थित घर में रहना लगा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने शौचालय का निर्माण कर लिया।
आरएस शर्मा का कहना है कि शौचालय की जमीन कोई बहुत ज्यादा नहीं है। इतनी जमीन में तो हमारी एक भैंस तक नहीं बंध सकती है। समस्या शौचालय के साथ नगला मेवाती का सारा पानी खेत में भरने से है। इससे कई बीघा जमीन पर खेती नहीं हो पा रही है। इस कारण आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इसलिए प्रशासन और तहसील दिवस में बार-बार शौचालय हटाने की गुहार की जा रही थी।
गांव में मवेशी चारा-पानी को तरसे, पड़ोसी आगे आए
गांव खुर्रमपुर के नगला मेवाती में घटना के बाद पशुओं को चारा डालने वाला भी कोई नहीं है। किसी तरह अन्य ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की। एटा चुंगी स्थित रामवीर के बंद गली के आखिरी मकान पर भी शुक्रवार को सांत्वना देने वालों के आने का क्रम जारी रहा। पूरे घर में मातम का माहौल है।
नाबालिग को भी जिला कारागार में भेजने का आरोप
रामवीर पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने उनके पक्ष के जिन चार लोगों को जेल भेजा है, उनमें एक नाबालिग भी है। पुलिस ने अजय, गुड्डू, आकाश पुत्र ओम प्रकाश (रामवीर के बड़े भाई) व शिवम पुत्र संतोष को जेल भेजा है। आरोप है कि शिवम नाबालिग है। हालांकि पुलिस की ओर से कहा गया है कि कोई नाबालिग है या बालिग, यह न्यायालय को तय करना होता है।
दूसरे, किसी कारणवश अगर नाबालिग होने के मामले में आरोपी को मथुरा जुवेनाइल जेल में नहीं ले पाते हैं तो जिला कारागार में बच्चों की सेल अलग बनी हुई है। इस मामले में सामान्यत: जो नियम है, उसके संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी का कहना है कि नाबालिग के लिए जुवेनाइल कोर्ट है, बाल सुधार गृह है, उसे जिला कारागार में नहीं रखा जा सकता है।