पहर-दर-पहर शहर की सांसों में घुल रहा जहर
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महानगर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में है। औद्योगिक एवं व्यवसायिक क्षेत्रों की कौन कहे, आवासीय क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर 230 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय ने यह स्तर आवासीय क्षेत्र ज्ञानसरोवर में रिकार्ड किया है, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानक से कई गुना अधिक है।
उल्लेखनीय है कि स्मॉग के कारण पिछले चार दिन से महानगर वासी बेहद परेशान हैं। दमा एवं सांस के मरीजों पर तो जैसे मुसीबत की पहाड़ टूट कर गिर पड़ा है। एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हैरिस खान का कहना है कि टीवी एवं चेस्ट विभाग में पिछले दो-तीन दिन से सांस एवं दमा आदि के मरीजों की संख्या में 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। मेडिसन एवं आंख आदि विभागों में काफी मरीज पहुंच रहे हैं।