भीषण गर्मी और लू से हर तरफ हाहाकार मचा है। जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। भीषण गर्मी से आम जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। स्कूली बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग गर्मी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। पशु-पक्षी भी गर्मी से व्याकुल नजर आए। बढ़ती गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह में पारा तीन बार 40 डिग्री पार जा चुका है।
अब गर्मी दिन के साथ-सात रात में भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग की मानें तो गर्म हवाओं का प्रभाव अभी जारी रहेगा। पिछले वर्ष लू मई के महीने में शुरू हुई थी। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार औसतन 7 किमी प्रति घंटा रही। भीषण गर्मी व लू ने लोगों का घर से निकलना भी दूभर कर दिया है।
कई स्थानों पर लगीं ठंडे पानी की प्याऊ
शहर में कई स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा गर्मी में पानी के लिए तरस रहे लोगों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ लगाई हैं। कई स्थानों पर मटकों में पानी भर कर रखा हुआ है। उनकी नियमित साप-सफाई का भी ख्याल रखा जाता है। शहर के रामघाट रोड, स्टेशन रोड, गांधी पार्क, मामू भांजा, मानिक चौक, हाथरस अड्डा, नौरंगाबाद, सासनी गेट, पला रोड, जयगंज, अतरौली अड्डा, सेंटर प्वाइंट, पीएसी, क्वार्सी आदि स्थानों पर लोगों ने ठंडी प्याऊ लगाई हैँ। राहगीरों को रोक कर उन्हें ठंडा पानी पिलाकर लोग उनकी प्यास बुझा रहे हैं।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
लगातार तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर अधिक देखा जा रहा है। शहर के अस्पतालों में करीब 70 प्रतिशत बच्चे वायरल, डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि गर्मी से बचाव के लिए बच्चों के परिजन विशेष एहतियात बरतें। पानी की कमी से बचने के लिए ओआरएस का घोल बनाकर पिलाएं।
लू व गर्मी से बचाव के लिए क्या करें
- तेज धूप में निकलें तो सिर पर टोपी का प्रयोग करें।
- छाते का प्रयोग करें।
- धूप से बचकर छाया में खड़े हों।
- ढीले, सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें।
-दोपहर 12 से 3 बजे तक मेहनत वाला काम करने से परहेज करें।
- पानी उबाल कर पीएं और ओआरएस का घोल पीएं।
- तरल पदार्थ, नारियल पानी व मौसमी फल खाएं।
- बच्चों को रोटा वायरस का टीका लगवाएं।
- नवजात शिशुओं को मां का दूध पिलाएं।
क्या न करें
- सीधे धूप से दूर रहें।
- गहरे व काले रंग के वस्त्र न पहने।
- बाजार में बिकने वाली खुली खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें।
- ज्यादा तेल, मिर्च, मसाले के प्रयोग से बचें।
- दूषित कुल्फी, आइसक्रीम के सेवन से बचें।
- बाहर से आकर तुरंत ठंडा पानी न पीएं।
वर्जन
गर्मी में बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहें। गर्मी के कारण शहर में 70 प्रतिशत मरीज वायरल डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। उन्हें ओआरएस, नमक चीनी का घोल पिलाएं। यह लाभदायक साबित होगा। इसके अलावा सीधी धूप से बचें। सूती कपड़े पहनें, क्योंकि यह पसीना आसानी से सोख लेते हैं। धूप के चश्मे और टोपी का प्रयोग करें। ठेल ढकेल से जूस या कोई तरल पदार्थ न पीएं। यह दूषित हो सकता है। घर में ही ताजे फलों का जूस निकाल कर सेवन करें।
डॉ. वैभव वार्ष्णेय, बाल रोग विशेषज्ञ
पिछले एक सप्ताह का तापमान डिग्री सेल्सियस में
अधिकतम न्यूनतम
2 अप्रैल 39 21
3 अप्रैल 41 20
4 अप्रैल 40 21
5 अप्रैल 40 22
6 अप्रैल 40 22
7 अप्रैल 41 22
8 अप्रैल 42 23
साल 2021 में अप्रैल में तापमान
अधिकतम न्यूनतम
2 अप्रैल 33 20
3 अप्रैल 35 15
4 अप्रैल 36 18
5 अप्रैल 38 23
6 अप्रैल 37 25
7 अप्रैल 36 24
8 अप्रैल 36 23
पिछले पांच सालों का 8 अप्रैल का तापमान
साल अधिकतम न्यूनतम
2018 36 33
2019 36 22
2020 33 21
2021 36 23
2022 42 23