धनारी पुलिस की हिरासत में अलीगढ़ के गंगीरी थाने रहतोली गांव के युवक रामनरेश द्वारा फांसी लगाने के बाद थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस युवक को धनारी पुलिस महीनाभर पहले घर से प्रेमी के साथ भागी नाबालिग लड़की की बरामदगी के लिए दबाव बनाने के लिए पकड़कर लाई थी। आरोप है कि पुलिस ने रामनरेश के साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया था। परेशान होकर उसने शुक्रवार को दोपहर एक बजे हवालात के शौचालय के दरवाजे पर अपनी शर्ट का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। करीब पौने दो बजे पुलिस कर्मियों ने उसे फांसी पर लटका देखा तो थाने में हड़कंप मच गया। उसे बहजोई संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, लेकिन डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने धनारी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार यादव समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जिलाधिकारी को लिखा है।
एफआईआर तक दर्ज नहीं थी युवक के खिलाफ
फांसी लगाने के बाद भी कोशिश करते रहे जिंदा दिखा दें
धनारी/चंदौसी (संभल)। थानों में बड़े-बड़े बोर्ड पर मानवाधिकार के नियम-कायदे साफ-साफ लफ्जों में लिखे होने के बावजूद इसका अमल नहीं किया जाता। पुलिस की ओर से थर्ड डिग्री दिए जाने पर फांसी लगाने वाले युवक रामनरेश के खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं थी। लेकिन लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस वालों ने उसका इतना उत्पीड़न किया कि उसे आत्मघाती कदम उठा लिया। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि पुलिस ने फांसी लगाने के बाद भी काफी कोशिश की कि कोई डाक्टर उसे अपने पास आने पर जीवित होने का प्रमाणपत्र दे दे जिससे वे इलाज के दौरान उसकी मौत दिखा सकें। डाक्टरों और पुलिस कप्तान की सख्ती के बाद थाना पुलिस की कोशिश नाकाम हो गई। इस कवायद में थानेदार समेत सात पुलिस कर्मी नप गए।
यह था मामला
धनारी थाने के एक गांव की सोलह साल की युवती को रजपुरा थाने का एक युवक रंजीत सात अप्रैल को बहला फुसलाकर भगा ले गया था, जिसका मुकदमा 11 अप्रैल-2016 को दर्ज किया गया। महीनेभर तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो युवती के परिजनों ने बरामदगी को दबाव बनाया तो दरोगा हरि सिंह मयफोर्स गुरुवार को प्रेमी युवक रंजीत की ननिहाल में अलीगढ़ जिले के गंगीरी थाने के रहतोली गांव पहुंचा। प्रेमी युवक व युवती तो नहीं मिली लेकिन दबाव बनाने को युवक के ममेरे भाई रामनरेश (35) पुत्र लाल सिंह को पकड़ लाया। बिना किसी मुकदमा, बिना किसी अपराध के अवैध हिरासत में लेकर उसे हवालात में बंद कर दिया। आरोप है कि रात को पुलिस ने युवती का पता पूंछने को उसकी पिटाई भी की। जिससे रामनरेश घबरा गया। शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे उसने अपनी ही शर्ट को हवालात के शौचालय के ऊंचे दरवाजे में फंसाकर फंदा बनाया और उससे लटककर आत्महत्या कर ली।
हंगामे के डर से पूरा इलाका पुलिस छावनी बनाया
थाना पुलिस को करीब पौन घंटे के बाद पता चला, जब उसकी हालत देखी। थाने में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में उसे अपराह्न 3.20 बजे बहजोई राजकीय अस्पताल लाए, जहां डा.संजीव कुमार ने उसे पहले से ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, सीओ प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों को सूचना दी गई, उनके हंगामे के भय से धनारी थाना व बहजोई अस्पताल पर कई थानों की फोर्स, पीएसी तैनात कर छावनी बना दिया गया।
बयान
वारदात के समय थाने में मौजूद व पकड़कर लाने के उत्तरदायी धनारी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक हरी सिंह, कांस्टेबल ब्रजेश कुमार, चंद्रपाल, विनोद कुमार, विजयपाल, ऊषा रानी को तत्काल निलंबित कर दिया है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। - अतुल सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संभल