जिले की जर्जर पड़ी सड़कों के घाव दो माह में भर जाएंगे। शासन के आदेश पर पीडब्लूडी समेत अन्य विभागों ने मरम्मत के काम शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही दो, तीन या पांच वर्ष की अवधि वाली सड़कों का चिन्हांकन भी चल रहा है। यह देखा जा रहा है कि उक्त सड़कें अनुरक्षण अवधि में हैं या यह अवधि पार कर चुकी हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अनुरक्षण अवधि वाली सड़कों की मरम्मत का काम संबंधित ठेकेदार से कराया जाए। अवधि पूरी कर चुकी सड़कों की मरम्मत संबंधित विभाग कराए।
इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने पिछले दिनों लोक निर्माण विभाग, आरईएस, मंडी समिति, जिला पंचायत, प्रधानमंत्री सड़क योजना, विकास प्राधिकरण समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि जिले की सभी जर्जर पड़ी सड़कों का सर्वे कर लिया जाए। यह देखा जाए कि किस सड़क की अनुरक्षण अवधि कितनी है। विशेष रूप से दो, तीन या पांच वर्षों की अनुरक्षण अवधि वाली सड़कों का चिन्हांकन किया जाए। यदि सड़क अनुरक्षण अवधि में है तो संबंधित फर्म या ठेकेदार से संपर्क कर उसे मरम्मत के निर्देश दिए जाएं। अनुरक्षण अवधि से बाहर की सड़कों की मरम्मत संबंधित विभाग करे। सर्वे के लिए विभागों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग कराएगा 909 सड़कों की मरम्मत
लोक निर्माण विभाग जिले की 909 सड़कों की मरम्मत कराएगा। इनमें पीडब्लूडी की निर्माण खंड इकाई 755 सड़कों के 365.431 किमी में मरम्मत के काम कराएगा। इसमें शहरी सड़क, ग्रामीण मार्ग व अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। शहरी सड़कों की लंबाई 0.6 किमी, ग्रामीण मार्ग 242.221 किमी व अन्य जिला मार्ग 122.61 किमी लंबाई में मरम्मत का काम होगा। इसी प्रकार प्रांतीय खंड 154 सड़कों के 480 किमी क्षेत्र में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत के काम कराएगा।
वर्जन
जिले की मरम्मत योग्य सभी सड़कों का चिन्हांकन कराया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि इनमें से कितनी सड़कें अनुरक्षण अवधि के अंतर्गत हैं। इनकी संबंधित फर्म व ठेकेदारों से मरम्मत कराई जाएगी। नवंबर माह तक जिले की सभी सड़कों के हालात सुधर जाएंगे।
अंकित खंडेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी