27 जून को पूरा हाथरस शहर भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। दो अलग-अलग स्थानों से निकाली गईं भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की धूमधाम देर रात तक रही। 15 दिन पहले ज्वर रोग से पीड़ित हुए भगवन जगन्नाथ 27 जून को स्वस्थ हुए तो पूरा शहर उनकी भक्ति में सराबोर नजर आया। रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ की जगह-जगह आरती उतारी गईं। इसमें एक रथ यात्रा जैन गली स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई तो दूसरी का आयोजन शहर के बड़ी कोठी स्थित बिहारीजी महाराज मंदिर से हुआ।
पहले आयोजन में हाथरस शहर के कमला बाजार की बड़ी कोठी स्थित श्री बिहारीजी महाराज मंदिर से जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा शुरू हुई। मंदिर से भगवान जगन्नाथ को पालकी के जरिये बाहर लाया गया और उन्हें एक बड़े रथ में विराजमान किया गया। रथयात्रा में पिछले 21 दिन से हरिनाम संकीर्तन करने वाली झलकियों को भी शामिल किया गया। यात्रा में शामिल भक्त वाद्य-यंत्रों की सुरीली धुनों पर हरे कृष्णा-हरे कृष्णा का हरीनाम संकीर्तन करते हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर व भगवान जगन्नाथ की आरती उतार कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा कमला बाजार से प्रारंभ होकर सरक्यूलर रोड, मेंडू गेट, चक्की बाजार, नयागंज मोती बाजार, सर्राफा बाजार, गुड़िहाई बाजार सहित अन्य बाजारों में होते हुए कमला बाजार मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। व्यवस्था में रमेश चन्द्र, राम भगवान, ओम प्रकाश, मनोज वर्मा, सुरेश चन्द्र, सुशील, पवन वर्मा, डोलू लाला, गिर्राज किशोर, विजय वर्मा, पार्थ वर्मा शामिल रहे। रथयात्रा का संचालन प्रेम गुरु ने किया।
प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से निकाली रथयात्रा
हाथरस शहर की जैन गली स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ को एक पालकी में विराजमान कर भक्त वाद्य-यंत्रों की सुरीली धुनों पर जय जगन्नाथ-जय जगन्नाथ का गुणगान करते हुए चल रहे थे। कमला बाजार स्थित मंदिर से दाऊजी मंदिर तक स्वागत किया गया। जहां जगन्नाथ महाराज को रथ में विराजमान किया गया। पसरट्टा बाजार, मोती बाजार, लोहट बाजार, नजिहाई बाजार, घंटाघर, बैनीगंज, रामलीला मैदान, छोटे सासनी आदि बाजारों में भ्रमण करते हुए जैन गली मंदिर पहुंची। जहां यात्रा संपन्न हुई।