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Aligarh News: एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल से बढ़ रहा सुपरबग का खतरा

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एएमयू। - फोटो : Archive
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मामूली संक्रमण में भी बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने की आदत आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है। एंटीबायोटिक के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल से रोगाणु दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होते जा रहे हैं।
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इसे रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) कहा जाता है। इसी चुनौती से निपटने और मरीजों को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका मजबूत करने के लिए एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सोमवार को हॉस्पिटल इंफेक्शन सोसाइटी इंडिया की अलीगढ़ शाखा की ओर से नर्सिंग कॉलेज में ‘रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग की नर्सिंग पद्धतियां : रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबले में नर्सों को सशक्त बनाना’ विषय पर कार्यक्रम हुआ। इसमें करीब 150 नर्सिंगकर्मियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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मेडिसिन संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद ने कहा कि रोगाणुरोधी दवाओं की प्रभावशीलता बनाए रखने में नर्सिंगकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य प्रो. फराह आजमी ने मरीजों की देखभाल में प्रमाण-आधारित चिकित्सा पद्धतियों को लागू करने पर जोर दिया।

संक्रमण रोकने से दवा की निगरानी तक सिखाए तरीके
जेएन मेडिकल कॉलेज के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. आदिल रजा ने कहा कि रोगाणुरोधी प्रतिरोध से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न विशेषज्ञों के बीच निरंतर सहयोग और प्रशिक्षण जरूरी है। आयोजन सचिव व हॉस्पिटल इंफेक्शन सोसाइटी इंडिया की अलीगढ़ शाखा की सचिव प्रो. फातिमा खान ने नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
ओमान स्थित सुल्तान काबूस विश्वविद्यालय के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रो. मेहर रिजवी ने एंटीबायोटिक के उचित इस्तेमाल, संक्रमण नियंत्रण, नमूने लेने की सही प्रक्रिया, रिकॉर्ड रखने और उपचार के दौरान रोगाणुरोधी दवाओं की निगरानी के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. शारिक अहमद ने भी हिस्सा लिया। समन्वय नर्सिंग अधिकारी प्रदीप ने किया, जबकि एएनएस हुमा राही ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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