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सहायक नगर आयुक्त ने मानी गलती, खत्म हो गया मंदिर विवाद

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अचलताल पर बिना जानकारी दिए मंदिर तोड़ने और मूर्तियों को इधर-उधर रखने का मामला शनिवार सुबह एक बार फिर गर्माया। क्षेत्रीय लोगों के साथ विभिन्न संगठनों ने अचलताल पर नारेबाजी की। सूचना पर आए सहायक नगर आयुक्त टीपी सिंह मौके पर पहुंचकर लोगों के साथ बैठक की। यहां जनता के दबाव में उन्होंने गलती स्वीकारी कि हां, कुछ गलतियां हुई हैं तो सारा विवाद ही खत्म हो गया।
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सुबह नौ बजे क्षेत्रीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता व पदाधिकारी अचलताल पर इकट्ठा हो गए। यहां लोगों ने मंदिर तोड़ने को लेकर आक्रोश जताया और नारेबाजी भी की। इसके बाद सहायक नगर आयुक्त टीपी सिंह मौके पर पहुंचे तो लोगों के साथ बैठक शुरू हुई। पूर्व मेयर शकुंतला भारती व संदेश राज जीवन ने बताया कि बिना जानकारी दिए मंदिर को तोड़ने का विरोध जताया गया। सहायक नगर आयुक्त से कहा गया कि मंदिर के अंदर रखी हुई प्रतिमा को हटाने का समय तो दो, मंदिर तोड़ने की मना कौन कर रहा है। विरोध तो इस बात का है कि हिटलरशाही अंदाज में प्रतिमा हटवाए बिना ही मंदिर को तोड़ा गया। इस पर सहायक नगर आयुक्त ने गलती मानी कि हां, यह गलती हुई है। आगे से नहीं होगा। साथ ही अचलताल का नक्शा और पूरा प्रोजेक्ट जगह-जगह पोस्टर और होर्डिंग लगवाने का लोगों ने दबाव बनाया तो इस पर रजामंदी बन गई।
इसके बाद फेसबुक पर अचल ताल के पूरे प्रोजेक्ट को सार्वजनिक कर दिया गया। इस तरह से अचल ताल क्षेत्र के मंदिर तोड़ने का विवाद अब खत्म हो गया है। इस मौके पर बजरंग दल से नरेश, गौरव शर्मा, गांधी पार्क एसओ हरिभान राठौर, अचल ताल चौकी इंजार्च सतेंद्र राणा, विहिप महानगर अध्यक्ष आलोक याज्ञनिक, राजाराम मित्र, अमित राजा, बालकिशन बल्लो, भुवनेश आधुनिक, रतन वार्ष्णेय, रीतेश आदि मौजूद रहे।
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अचलेश्वर मंदिर का फर्श टूटा, सावन में भक्तों को होगी समस्या
सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को है। अचलेश्वर मंदिर के मुख्य दरवाजे के सामने का फर्श टूटने लगा है। इससे सावन में भक्तों को समस्या होगी।
19 मई को बारिश के चलते प्राचीन अचलेश्वर मंदिर का एक बड़ा हिस्सा ढहकर अचलताल में गिर गया था। दरअसल, ताल से सटे मंदिर के पिछले हिस्से में स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण के चलते खुदाई तो करा दी गई थी, लेकिन सहारे के लिए दीवार नहीं बनाई गई थी। इसी कारण मंदिर की दीवार ढह गई थी। इस पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम पर खूब हंगामा काटा था। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर मिट्टी के कट्टे लगा दिए गए। लेकिन कोई ठोस इंतजाम न होने के चलते अब मंदिर का फर्श टूटने लगा है। स्थानीय पुजारियों ने बताया कि फर्श टूटने लगा है। नगर निगम इसे सही नहीं कराएगा, क्योंकि यह मंदिर के अंदर का हिस्सा है। लेकिन दीवार नगर निगम की लापरवाही के चलते गिरी थी। अगर नगर निगम नहीं करा रहा है तो कम से कम अचलेश्वर महादेव मंदिर समिति को इस पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि सैकड़ों श्रद्धालु सावन में यहां जल चढ़ाने आते हैं।
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