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Aligarh News: गन्ने का रस बेचने वाला दुकानदार बोला- लो कर लो सांसद के पीआरओ से बात

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अतिक्रमण हटवाता नगर निगम प्रवर्तन दल । - फोटो : samvad
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नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते ने शुक्रवार को अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान अभियान चला रहे अधिकारी एएमयू सर्किल के पास गन्ने का रस बेच रहे दिव्यांग दुकानदार आदिल की बात सुनकर भौंचक रह गए। आदिल ने कार्रवाई रोकने के लिए अधिकारियों को फोन देकर सांसद के पीआरओ से बात कर लेने दबाव बनाया। फोन कॉल पर उनके पीआरओ थे या कोई और इसका तो पता नहीं चला लेकिन न उसकी अपील सुनी गई और सिफारिश। निगम के दस्ते ने उसका सामान जब्त कर लिया।
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दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान सारसाैल से शुरू हुआ। अभियान के दौरान सारसौल, नाैरंगाबाद, मीनाक्षी पुल, एएमयू सर्किल, हैबिटेट सेंटर के पास सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। इस दौरान कई दुकानदारों को पहले चेतावनी देकर स्वयं सामान हटाने का मौका दिया गया जबकि निर्देशों की अनदेखी करने वालों का सामान जब्त कर निगम की गाड़ियों में रखा गया। प्रवर्तन दल जैसे ही इन स्थानों पर पहुंचा तो फुटपाथ और सड़क पर सामान फैलाकर बैठे दुकानदारों में खलबली मच गई। कई दुकानदार जल्दबाजी में अपना सामान समेटने लगे। कोई फोन मिलाने लगा तो कोई पहचान का रौब दिखाने लगा तो कोई हाथ जोड़कर मोहलत मांगता नजर आया। हालांकि प्रवर्तन टीम का जवाब साफ था सिफारिश बाद में कर लीजिए, पहले सड़क खाली कराइए। कार्रवाई के दौरान सड़क पर रखा फर्नीचर, ठेले, टेबल, स्टैंड, बोर्ड और अन्य सामान जब्त कर निगम की गाड़ियों में लादा गया।


कई दुकानदारों को मौके पर ही अंतिम चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया तो जुर्माने के साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि शहर की सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए
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सांसद, नगर आयुक्त की अनुमति से लगाई दुकान

जमालपुर के रहने वाले दिव्यांग आदिल ने नगर निगम की टीम के सामने दावा किया कि वह पिछले पांच वर्षों से इसी स्थान पर गन्ने के जूस की दुकान लगा रहा है। उन्हें सांसद की ओर से पत्र मिला था और तत्कालीन नगर आयुक्त ने भी यहां दुकान लगाने की अनुमति दी थी। सबूत के रूप में मोबाइल फोन में सांसद के जारी पत्र को भी दिखाया।

कार्रवाई के दौरान आदिल ने अपना मोबाइल अधिकारियों की ओर बढ़ाते हुए कहा लीजिए, सांसद जी के पीआरओ फोन पर हैं। आप एक बार इनसे बात कर लीजिए। मौके पर मौजूद लोगों की नजरें भी कुछ देर के लिए इस बातचीत पर टिक गईं। हालांकि प्रवर्तन टीम ने अभियान जारी रखा और स्पष्ट किया कि कार्रवाई निर्धारित निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
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