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Aligarh News: 40 किमी की रफ्तार से आई आंधी.. बारिश ने ठप की शहर की बिजली

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रेलवे रोड पर आंधी में गिरा खंभा। - फोटो : samvad
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करीब 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा के साथ बुधवार रात को आई बारिश ने शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। धूल भरी आंधी और बारिश के कारण शहर के सभी 30 बिजलीघर एक साथ ब्रेकडाउन में चले गए, जिससे पूरा महानगर अंधेरे की आगोश में समा गया।
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तेज हवाओं का दबाव इतना अधिक था कि शहर के कई इलाकों में टिन शेड उड़ गए और विशाल होर्डिंग फट गए। सबसे ज्यादा नुकसान रावन टीला, भुजपुरा और एलमपुर क्षेत्र में हुआ, जहां बिजली के तीन खंभे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। देहली गेट और जयगंज इलाकों में तार टूटने की खबरें आईं, जिससे पेट्रोलिंग पर निकले बिजली कर्मचारी भी असहाय नजर आए। गूलर रोड, विक्रम कॉलोनी, लाल ताल, क्वारसी, स्वर्ण जयंती नगर और जमालपुर जैसे प्रमुख इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
बिजली विभाग के लिए रात खासी चुनौतीपूर्ण रही। सारसौल और बौनेर 132 केवी बिजली घरों से निकलने वाली 33 केवी लाइनों में सबसे ज्यादा फॉल्ट आए। रात करीब पौने 10 बजे के बाद अधिशासी अभियंता अमर सिंह के नेतृत्व में धीरे-धीरे 33 केवी फीडरों को चालू किया गया।
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तापमान में गिरावट, 30 डिग्री से सीधे 26 डिग्री पर पहुंचा पारा :

दिन भर की उमस के बाद इस आंधी-बारिश ने राहत तो दी, लेकिन भारी नुकसान के साथ। दिन में जो तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वह बारिश के बाद चार डिग्री गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे हवा में अचानक ठंडक घुल गई।

बयान-

अधीक्षण अभियंता यूसी जैन ने बताया कि देर रात तक लाइनों की पेट्रोलिंग जारी रही। अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई बहाल कर दी गई है और शेष प्रभावित हिस्सों में मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।


आज भी बारिश की संभावना

मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को भी बारिश और आंधी जैसा रहने की संभावना है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक प्रो. अतीक अहमद कहते हैं कि मौसम बदलने का सबसे बड़ा कारण भूमध्य सागर से उठने वाले कम दबाव के तूफान हैं। जब ये चक्रवाती हवाएं हिमालय से टकराती हैं, तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों (जैसे अलीगढ़, दिल्ली, पंजाब) में अचानक बारिश और तेज हवाएं चलती हैं। मार्च के दौरान इनकी तीव्रता और आवृत्ति बढ़ जाती है, जिससे अचानक ''आंधी-पानी'' जैसी स्थिति बनती है।
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