रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के अंतर्गत गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में लैंगिक उत्पीड़न एवं एसिड अटैक के पीड़ितों के मेडिकोलीगल परीक्षण एवं उपचार विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला महिला कल्याण विभाग ने आयोजित की है।
अपर आयुक्त (न्यायिक) डीके तिवारी ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष शासन की प्राथमिक योजनाओं में से एक है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। चिकित्साधिकारियों को पीड़िता का मेडिकोलीगल इस दक्षता से करना चाहिए कि उसको पूरा न्याय मिले।
प्रभारी सीडीओ एवं पीडी गोरखनाथ भट्ट ने अपने अनुभव साझा किए। बताया कि कैसे कई बार मेडिकोलीगल में जरा सी चूक न्याय से वंचित करा देती है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निदेशक डॉ. एसबी उपाध्याय, संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लखनऊ डॉ. एचके अग्रवाल, विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉ. गयासुद्दीन खान आदि ने आगरा व अलीगढ़ के करीब 120 प्रतिभागियों को यौन शोषण, चिकित्सीय परीक्षण ,साक्ष्यों को एक करना, एसिड अटैक परीक्षण तथा पोस्टमार्टम की सही तकनीक की जानकारी दी।
महिला सम्मान कोष द्वारा मिलने वाली चिकित्सीय एवं आर्थिक सहायता के बारे में भी बताया। जिला प्रोवेशन अधिकारी कुलदीप कुमार चंदेल , जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह , एएमयू से डॉ. मुनब्बर हुसैन, महिला कल्याण विभाग के सुधीर कुमार राय , सीओ अपराध जितेंद्र कुमार , डॉ. मंजू मलिक, मुस्ताक अली, अमर सिंह , उपेंद्र मिश्रा, दीपक झा, रामगोपाल, राकेश सिंह, महेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।