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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंसू का हुआ जादू सा असर

Sun, 17 Jan 2021 01:55 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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कोरोना टीकाकरण - फोटो : पीटीआई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंसू ने जादू सा असर किया। तमाम तरह की आशंकाओं को लेकर केंद्र पर पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों ने खुलकर और निर्भीक होकर टीका लगवाया। मोदी के भावुक संबोधन के बाद स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय केंद्र पर टीकाकरण अभियान शुरू होने के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। संबोधन के दौरान पुराने दिनों की चर्चा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखों से आंसू छलक पड़े। कहा कि इस बीमारी ने तो बीमार को ही अकेला कर दिया। मां रोती थी, लेकिन चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती थी। बच्चे को गोद में नहीं ले पाती थी। बुजुर्ग पिता अस्पताल में अकेले हो गए।

मृत्यु होेने पर परंपरा के अनुसार अंतिम विदाई भी नहीं मिल सकी, जिसके वह हकदार थे। सोचकर मन सिहर जाता है। भावुक संबोधन के दौरान भावनाओं पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री कुछ समय के लिए चुप हो गए। उन्होंने कहा कि सैकड़ों साथी ऐसे होंगे, जो घर वापस नहीं लौटे। इसलिए कोरोना का पहला टीका स्वास्थ्यकर्मियों को लगाकर समाज उनका ऋण चुका रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का असर स्वास्थ्यकर्मियों पर साफ-साफ दिखाई दिया।
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कुछ लोग ऐसे भी थे जो सोच रहे थे कि पहले अन्य लोग टीका लगवा लें। सब कुछ ठीक रहा तो बाद में लगवा लेंगे। ऐसे लोगों के मन का भय प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद निकल गया। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया टीके की खूब तारीफ भी की और विश्वसनीय भी बताया। शुरू में किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में टीका लगाने वालों की संख्या 75 तक पहुंच जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल से बोल रहे थे। वह सच्चाई व्यक्त कर रहे थे। कोरोना काल शुरू हुआ तो लोग कितने भयभीत थे। हमारे पास कुछ नहीं था। पता नहीं था कि आगे क्या होगा। कोरोना काल में ही अस्पतालों में इंतजाम बढ़े। जांच की सुविधा उपलब्ध हुई। दिन-रात मेहनत कर वैज्ञानिकों ने वैक्सीन तैयार की है। अब हमें महामारी से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। 
- संजीव सिंघल, चीफ फार्मासिस्ट, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय


वास्तव में मार्च 2020 से देशवासी त्रासदी झेल रहे हैं। उस समय अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होगा। देश-विदेश से दुखदायी तस्वीरे सामने आ रही थी। प्रधानमंत्री भी उन्हीं सब बातों का जिक्र कर रहे थे। उनकी आंखों से आंसू छलक गए। आंसू बता रहे थे कि अब हम हालात काफी सुधर गए हैं। दवाई के साथ-साथ मास्क, दो गज दूरी एवं सफाई का संदेश प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दिया। 
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- डॉ. बाल किशन 
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