नगला राय सिंह में तेंदुए का खौफ कम नहीं हो रहा है। तेंदुआ शनिवार की रात वन विभाग की टीम को दिखाई देने के बाद चकमा देकर भाग गया। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर उसमें मेमना भी बांधा गया है, जाल भी लगाया है लेकिन टीम को कोई सफलता नहीं मिली है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।
जवां के गांव नगला राय सिंह के लोग चार दिन से तेंदुए के खौफ से त्रस्त हैं। बच्चों को स्कूल भेजना बंद किया जा चुका है, बड़े लोग भी अकेले नहीं निकल रहे हैं। वन विभाग की टीम चार दिन से जाल और पिंजरा लगाकर चार दिन से कैंप किए हुए है रात और दिन टीम लगातार गश्त कर रही है लेकिन सफलता प्राप्त नहीं हो रही है।
वन दरोगा संजय कुमार ने बताया कि शनिवार की रात्रि करीब 1:00 बजे वन विभाग की टीम को गांव के प्राथमिक स्कूल के पास दिखाई दिया लेकिन टीम जब तक अलर्ट होती तेंदुआ वहां से भाग गया है, टीम ने इसके बाद उसकी तलाश भी की लेकिन उसका पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल लगाने के साथ पिंजरा लगाया गया है, जिसमें मेमना (बकरी का बच्चा) भी बांधा गया है, जिसके मिमयाने अथवा उसकी गंध पाकर तेंदुआ आए तो उसे पकड़ा जा सके।
वन विभाग की टीम में यह हैं शामिल
वन विभाग की टीम में वन दरोगा संजय कुमार, के साथ वन रक्षक, संगम, दीपक, पुत्तू लाल, पप्पू, सुमित, बलवीर मुकेश आदि लोग गश्त कर रहे हैं।
ईख के खेत बन रहे बाघ पकड़ने में बाधा
नगला राय सिंह क्षेत्र में ईख का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। इस समय ईख की फसल पूरी तरह से तैयार हो गई है, जिसके कारण तेंदुए को पकड़ने में परेशानी आ रही है। वन विभाग के दरोगा का भी कहना है कि शनिवार की रात को तेंदुआ दिखाई देने के बाद ईख के खेतों में घुस गया, जिसकी वजह से उसे पकड़ना मुश्किल हो गया। ईख के खेतों के अंदर जाने में वन विभाग की टीम भी साहस नहीं जुटा पा रही है।
आसपास के गांवों में भी अब खौफ
नगला राय सिंह 500-600 की आबादी का छोटा गांव है, जहां के अधिकांश लोग खेतबाड़ी पर ही निर्भर हैं। तेंदुए दिखाई देने के बाद नगला रायसिंह के आस-पास के गांव रामपुर, श्यामपुर, बरौली, बरौला, पोखरगढ़ी के लोगों का कहना है कि तेंदुआ दिखाई देने का खौफ यहां भी पैदा हो गया है। लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
खेतों पर जाना कम किया
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के खौफ के कारण लोगों ने अकेले जाना बंद कर दिया है। खेती के कार्यों के लिए भी वह दो-चार लोगों के साथ जाते हैं।
दो साल पहले घर में घुसा था तेंदुआ
कस्बा जवां में दो साल पहले भी एक तेंदुआ आ गया था, जो एक घर में घुस गया था, जिसे रेस्क्यू करने के लिए बाहर से टीम को बुलाया गया था, जिसने तेंदुए को पकड़ने के बाद उसे वन क्षेत्र में छोड़ा था।