वक्ताओं ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए। जेएनयू कैंपस में पुलिस की इंट्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए क्योंकि पुलिस वहां केंद्र की एनडीए सरकार के इशारे पर काम कर रही है। जेएनयू में बेवजह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, आरएसएस और भाजपा के कुछ नेताओं की राजनीतिक दखलंदाजी के कारण पुलिस मनमानी कर रही है। इससे यूनिवर्सिटी की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।
यही नहीं कुछ सांप्रदायिक ताकतें गुजरात, राजस्थान के कई कोर्स में बदलाव करना चाहती है। जिसमें केंद्र सरकार के इशारे पर कुछ एजेंसियां सक्रिय हो रही हैं लेकिन पूरे देश में उनका विरोध होने के कारण वह सफल नहीं हो पा रही है। अगर जेएनयू के प्रकरण में निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को बेवजह परेशान किया गया तो इसका विरोध पूरे देश में होगा।
इस मौके पर एएमयू इम्प्लाइज यूनियन के महासचिव शमीम अख्तर, एएमयू के शिक्षक डा. मुराद, बीएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र भव्य कुमार, छात्र नेता आदिल अल्वी, शोधार्थी अरमगा खान, मुबस्सिर शाह ने सभा को संबोधित किया। आयोजकों में महफूज आलम, सलमान सिद्दीकी, अमीरूल, फहीम अख्तर, जावेद इकबाल, शहबाज इकबाल, फरहाज अहमद और ईरानी आदि मौजूद रहे।