क्षेत्र के गांव फुसलावी में सिर मुंडवाकर जूते-चप्पलों की माला पहनाकर घुमाकर अपमानित किया गया किशोर खैर में एक रिश्तेदारी में रह रहा था।चार दिन बाद वह बुधवार को पिता के साथ थाने पहुंचा, जहां से मेडिकल कराने के बाद घर भेज दिया गया।
अपमानित किया गया किशोर गत शनिवार को शर्म के कारण गांव छोड़कर खैर में अपनी रिश्तेदारी में चला गया था, जबकि उसका पिता इस बारे में अनभिज्ञता जता रहा था। पुलिस द्वारा पिता का मोबाइल सर्विलांस के जरिये ट्रेस किया तो पता चला कि वह रोजाना अपने बेटे से बात करता है, जबकि सभी लोगों को बता रहा था कि उसे अपने बेटे की जानकारी नहीं मिल रही है। पुलिस के दबाव बनाने पर वह बुधवार को बेटे को लेकर थाने पहुंचा, जहां से पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद घर भेज दिया है।
ज्ञात रहे गांव की नाबालिग किशोरी गंगा स्नान के दौरान अपने नाबलिग दोस्त के साथ घर से चली गई थी। इस दौरान किशोर ने गांव के ही दोस्त से बाइक ली थी और उससे अलीगढ़ जाने के बाद देहरादून चले गए थे। परिजन बाइक देने वाले दोस्त की मदद से नाबालिग किशोर किशोरी को देहरादून से गांव ले आए थे, जहां पंचायत में किशोर को एक साल के लिए गांव से निकाल दिया गया था। वहीं उसके दोस्त को पंचायत के दूसरे दिन बाइक वापस करने के बहाने बुलाकर अपमानित किया गया था। इस दौरान उसके पिता को बंधक बनाए रखा था। कार्यवाहक थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि किशोर अपने पिता के साथ थाने आया था, उसका मेडिकल कराकर पिता के साथ भेज दिया है।