मेडिकल कॉलेजों के पीजी कोर्स में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का आंतरिक कोटा खत्म कर दिये जाने से कैंपस में खलबली मच गई है। उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए सोमवार को एएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार (लीगल) एवं अन्य अधिकारी इलाहाबाद रवाना हो गए हैं।
उच्च न्यायालय ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स में राज्य कोटे की सीटों पर नीट की मेरिट के आधार पर नए सिरे से काउंसिलिंग कराकर प्रवेश सूची जारी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एएमयू द्वारा अपना अलग कोटा बनाकर अपने ही एमबीबीएस छात्रों का पीजी कोर्स में दाखिला लेने की छूट संबंधी आदेश भी रद्द कर दिया है।
विश्वविद्यालय को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया है। उच्च न्यायालय के इस फैसले से एएमयू में हड़कंप की स्थिति है। सोमवार को डिप्टी रजिस्ट्रार लीगल एवं अन्य अधिकारी उच्च न्यायालय में पक्ष रखने के लिए रवाना हो गए हैं। रात 9 बजे विश्वविद्यालय के बड़े अधिकारियों ने बैठक कर इस मसले पर विचार किया।
एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का कहना है कि मंगलवार को 12 बजे उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। एएमयू के वकील अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सही स्थिति मंगलवार को ही सामने आएगी। उल्लेखनीय है कि एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स में इंटरनल छात्रों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं। 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया के लिए होती हैं।