महानगर में गूलर रोड स्थित नगर निगम के मालिकाना हक वाली पोखरों पर फर्जी पावर आफ अटार्नी के जरिये कुछ लोगों द्वारा प्लाटिंग का बहुचर्चित मामले का खुलासा होने से समूचे शहर में हड़कंप मचा हुआ है। विशेष रूप से उक्त भूमि के शेयर होल्डर एवं प्लाट होल्डरों में अपनी गर्दन फंसने की आशंका से खलबली मची हुई है। ये लोग सोमवार को दिनभर प्रशासनिक रुख की टोह लेते दिखाई दिए। इधर अपनी बेशकीमती भूमियों को अवैध कब्जे से छुड़ाने को प्रयासरत नगर निगम भी कोई रियायत बरतने के मूंड़ में नजर नहीं आ रहा है। निगम ने 17 बड़े भूमाफियाओं की सूची तैयार कर डीएम को प्रेषित कर दी है। अब सभी को डीएम के अवकाश से लौटने का इंतजार है।
महानगर के भूमाफियाओं पर शिकंजा कसता जा रहा है। गत दिवस नगर निगम द्वारा गूलर रोड स्थित अपने हक वाली पोखरों पर फर्जी पावर आफ अटार्नी के जरिये अवैध रूप से प्लाटिंग करने वाले राधेलाल शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ बन्नादेवी थाने में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे। सोमवार को निगम ने 17 अन्य बड़े भूमाफियाओं की सूची जारी कर दी। पुलिस भी गूलर रोड प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। मामले के विवेचक ने नगर निगम से उक्त मामले से संबंधित संपूर्ण ब्यौरा तलब कर लिया है। ताकि कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। एसएसपी राजेश पांडेय ने भी निगम को आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए जमीन से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही रसूख वाला क्यों न हो। दस्तावेजों का अध्ययन कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
एसएलओ व तहसीलदार कोल रिकार्ड खंगालने में जुटे
नगर निगम द्वारा 17 बड़े भूमाफियाओं की सूची जारी करने के बाद तहसीलदार कोल एवं विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी हरकत में आ गए हैं। उन्होंने इन भूमाफियाओं के चंगुल में फंसी भूमियों से संबंधित रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। नगर निगम से सारा ब्यौरा ले लिया गया है और राजस्व रिकार्डों से इनका मिलान कर आरोप तय करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
कोल तहसील शहरी क्षेत्र के प्रति बेपरवाह
नगर निगम भले ही सरकारी भूमियों को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर भूमाफिया की नींद हराम किए हुए तहसील कोल प्रशासन अभी भी सबसे ज्यादा अतिक्रमण वाली शहरी क्षेत्र की भूमियों के प्रति बेपरवाह बना हुआ है। यहां तक कि तहसील प्रशासन ने शहरी क्षेत्र की अवैध कब्जाें वाली भूमियों की सूची तक तैयार नहीं की है। एसडीएम कोल डा.पंकज वर्मा ने बताया कि पूरे जून माह में ग्रामीण क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर सरकारी भूमियों को कब्जों से मुक्त कराया जाएगा। जुलाई माह से महानगर की भूमियों के कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
शासन के निर्देश पर सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जों को हटाने एवं भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम प्रतिबद्घ है। बड़े भूमाफियाओं का चिन्हांकन किया जा रहा है। जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई कराकर निगम की बेशकीमती भूमियों को कब्जों से मुक्त करा लिया जाएगा।
संतोष शर्मा, नगर आयुक्त अलीगढ़
-मैं इस मसले पर लंबे समय से सफाई देता आ रहा हूं। फिर एक ही बात कह रहा हूं कि यह सब साजिश के तहत झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। समय आने पर तस्वीर साफ कर दूंगा।
-राधेलाल शर्मा, बिल्डर