पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट खंडपीठ नहीं तो विधानसभा में वोट नहीं का नारा लेकर अधिवक्ता एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर चक्का-जाम आंदोलन के तहत दीवानी के अधिवक्ताओं ने पहले दीवानी के गेट पर और बाद में कठपुला पर एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
इसके चलते कठपुला के दोनों ओर यातायात व्यवस्था चरमराकर रह गई। इस दौरान मांग पूरी न होने पर आगे और ज्यादा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। इसी तरह तहसील के अधिवक्ताओं ने तहसील के गेट पर और कमिशभनरी के अधिवक्ताओं ने क्वार्सी चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना संबंधी केंद्रीय संघर्ष समिति की 15 अक्तूबर को मुरादाबाद में हुई बैठक के निर्णयानुसार सुबह 11 बजे से अधिवक्ताओं ने हड़ताल रखते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। सिविल बार एसोसिएशन व दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के नेतृत्व में पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने दीवानी के अंदर से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और फिर दीवानी के गेट पर आकर मुरादाबाद एनएच जाम कर दिया। कुछ देर यहां बैठने के बाद अधिवक्ता कठपुला पर पहुंच गए और बरछी बहादुर से पहले कठपुला जाम कर दिया।
यहां एक घंटे से अधिक समय तक जाम लगाकर बैठे अधिवक्ता नारेबाजी प्रदर्शन करते रहे। यहां सीधे-सीधे सरकार विरोधी नारेबाजी की जा रही थी और कहा जा रहा था कि जो उनके आंदोलन व मांग को समर्थन देगा, उसी को आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट दिया जाएगा। यहां किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलाने की मांग हुई।
बाद में यातायात व्यवस्था ज्यादा बिगड़ने पर अधिवक्ता खुद ही जाम खोलकर चेतावनी देते हुए चले गए और दिन भर न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस मौके पर दि अलीगढ़ बार अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, महासचिव रामअवतार सिंह, सिविल बार अध्यक्ष राम सिंह, कैलाश बाबू गुप्ता, जगदीश सारस्वत, आरके बंसल, प्रमोद कुमार, जुगेंद्र पाल सिंह, अनिरुद्ध गर्ग, नितिन वार्ष्णेय, सतीश कुमार, नरेंद्र चंद्र शर्मा, संजय वार्ष्णेय, युवराज निधीश, हेमंत कुमार आदि वकील थे।
इधर, तहसील व कमिशभनरी मुख्यालय के बाहर भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। क्वार्सी पर तो अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा।