स्मृति ईरानी से मानव संसाधन मंत्रालय छीनने पर एएमयू के छात्र एवं शिक्षकों की नजर केंद्र की राजनीति पर केंद्रित हो गई है। छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष मसूद उल हसन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली बार केंद्र सरकार ने सही फैसला लिया है।
प्रकाश जावेड़कर पढ़े लिखे इंसान है और उम्मीद है कि वे देश के यूनिवर्सिटी में आरएसएस का एजेंडा लागू नही करेंगे।
स्मृति का मंत्रालय छीनने की खबर आने के बाद एएमयू के शिक्षक एवं छात्रों की नजर केंद्र की राजनीति पर टिक गई है। अब लोग एक-दूसरे से पूछ रहे है कि प्रकाश जावेड़कर कैसे आदमी है और उनकी पृष्टिभूमि क्या है। वहीं कुछ लोग स्मृति के जाने से राहत महसूस कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष मसूद उल हसन ने अधिष्ठापन समारोह में यह कहकर राजनीति गरमा दी थी कि स्मृति ईरानी से ज्यादा पढ़े लिखे एएमयू के फोर्थ ग्रेड कर्मचारी है। उसके बाद अलीगढ़ से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा गई थी।
एएमयू कुलपति को भी स्मृति से मिलने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा था। एएमयू केंद्रों को बंद करने से संबंधित बयान भी यहां चर्चा में रही थी। जानकार लोग तो बताते है कि शुरूआती दिनों से ही एएमयू इंतजामिया एवं स्मृति ईरानी के बीच तल्ख रिश्ते रहे। यहां भी कुछ लोग जेएनयू एवं हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों की तरह स्मृति को विभाग से हटाए जाने के फैसले को अपनी जीत के रूप में देख रहे है।