फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश को कई स्वर्ण पदक देने वाले पालेंद्र के निधन से खो गई एथलेटिक्स में यूपी की शान

Thu, 15 Nov 2018 02:35 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
एथलीट पालेंद्र चौधरी (फाइल फोटो) - फोटो : file photo
विज्ञापन

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के हॉस्टल में पालेंद्र के आत्महत्या की खबर जैसे ही उनके गांव कैमथल पहुंची तो कुछ समय में ही पूरे जिले में खबर फैल गई। इसके साथ ही कैमथल व आसपास गांवों और जिले के सभी खेल प्रेमियों में इस शोक छा गया।

विज्ञापन


इगलास क्षेत्र के कैमथल गांव में साधारण किसान परिवार में पले एथलीट पालेंद्र चौधरी ने अपनी प्रतिभा के बल पर देश में बड़ी पहचान बनाई। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते। किसान महेश पाल सिंह के इस इकलौते लाल ने अलीगढ़ समेत गांवों के गरीब परिवार के खिलाड़ियों के लिए बड़ी नजीर पेश की। वह 100 व 200 मीटर दौड़ तथा लंबी कूद के एथलीट थे। यूथ नेशनल, क्रास कंट्री नार्थ जोन जैसी प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। 2016 में यूपी एथलेटिक्स टीम के कप्तान भी बने। 2016 में दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में इंटरनेशनल गेम्स क्वालीफाइंग राउंड में सफलता हासिल की। 10.08 सेकेंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर उन्होंने चयनकर्ताओं का दिल भी जीता।

बैंकाक के बाद छा गए थे पालेंद्र
पालेंद्र चौधरी ने पिछले वर्ष बैंकाक में हुई यूथ एशिया एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस प्रतियोगिता में भारत से 17 एथलीट शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश से पालेंद्र ही एकमात्र खिलाड़ी थे। उन्होंने चैंपियनशिप में 100 मीटर, 200 मीटर व मिड रिले में भाग लिया था। अलीगढ़ के तत्कालीन डीएम हृषिकेश भाष्कर याशोद ने उन्हें जिला खेल प्रोत्साहन समिति की ओर से 21 हजार रुपये का चेक भेंटकर सम्मानित किया था। इसके  बाद महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में समारोह आयोजित कर पालेंद्र चौधरी को सम्मानित किया गया था। वह डीपीएस सीनियर विंग के छात्र रहे। 2017 में अफ्रीका के बहमास में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी शामिल हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें