प्रेम प्रसंग में घर से गई युवती ने बरामदगी के बाद मंगलवार रात विजयगढ़ पुलिस को चकमा देकर जान देने की कोशिश की। महिला पुलिस की निगरानी में रखी गई युवती ने थाना परिसर के बराबर महिला बैरक के दूसरे माले से छलांग लगा दी। युवती की इस हरकत पर महिला स्टाफ व थाने के अन्य स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन युवती को जिला मुख्यालय लाया गया। जहां उसे नाजुक हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है। युवती प्रेम प्रसंग में एटा के एक युवक संग चली गई थी, जिसे पुलिस ने बरामद किया था और बुधवार को उसकी सुपुर्दगी पर निर्णय होना था। इस खबर पर युवती का परिवार युवक के परिवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की तहरीर दे रहा है। वहीं एसएसपी ने पूरे मामले में एसपी देहात को जांच सौंपी है।
विजयगढ़ क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती कुछ समय पहले एटा जिले पिलुआ के गांव बादामपुर निवासी आकाश के संग प्रेम प्रसंग में चली गई थी। जिसका मुकदमा 28 अप्रैल को विजयगढ़ थाने में आकाश के खिलाफ दर्ज कराया गया। मुकदमे में युवती के परिवार ने उसकी उम्र नाबालिग बताई थी। पुलिस जांच में पाया गया कि युवती युवक संग गुजरात के सूरत चली गई थी। मगर किसी वजह से ये दोनों 5 मई को एटा वापस आए। इस खबर पर विजयगढ़ पुलिस ने दबिश दी तो युवती बरामद हो गई। मगर आरोपी युवक भागने में सफल रहा। बरामदगी के बाद युवती को विजयगढ़ लाया गया, जहां उसे थाने के बगल में बनी महिला बैरक के दूसरे माले पर शिखा नाम की महिला सिपाही की निगरानी में रखा गया। बुधवार को उसकी सुपुर्दगी पर निर्णय होना था। इससे पहले मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे ऊपर से छलांग लगा दी। जब युवती तेज आवाज के साथ ऊपर से नीचे गिरी तो महिला पुलिसकर्मियों की नजर गई। यह देख वे दंग रह गईं। शोर पर बगल में थाने से अन्य स्टाफ आ गया। आनन - फानन खबर जिला मुख्यालय को दी गई और उसे जिला अस्पताल लाया गया। उसके शरीर से खून निकलने और गंभीर चोट होने के कारण उसे तत्काल जे एन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां उसका उपचार जारी था। हालत नाजुक बताई गई है। देर रात युवती के पिता ने तहरीर दी है कि आकाश और उसके परिवार द्वारा बरगलाए जाने पर यह आत्मघाती कदम उठाया है। जिस पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर रही है।
मेडिकल परीक्षण में इतनी देरी क्यों हुई
पुलिस के अनुसार जब मुकदमा दर्ज कराया गया तो परिवार ने उसकी उम्र 16 वर्ष दर्ज कराई। बरामदगी के बाद जब उससे पूछा गया तो उसने खुद को बालिग बताया। इस पर युवती को 5 मई को मेडिकल परीक्षण के बाद सीएमओ के समक्ष उम्र परीक्षण के लिए पेश किया गया, जिस पर एक्सरे एडवाइज करते हुए 6 मई तारीख नियत कर दी। 6 मई को एक्सरे कराया गया। मगर 7 मई को रिपोर्ट न मिल सकी। 8 को रविवार अवकाश के कारण रिपोर्ट नहीं मिली। 9 मई को रिपोर्ट तो तैयार होना बताया गया। मगर रिपोर्ट देर शाम तक नहीं मिली। मंगलवार 10 मई को किसी तरह पुलिस जिला अस्पताल से रिपोर्ट लेकर गई। जिसमें युवती की उम्र 19 वर्ष होने का उल्लेख किया गया। अब बुधवार को इस रिपोर्ट के साथ पुलिस उसे न्यायालय में पेश करती। जहां से उसकी सुपुर्दगी पर निर्णय होना था।
ये है नियम
ऐसे मामलों में बरामद युवती/किशोरी को मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने और न्यायालय से निर्देश मिलने तक महिला पुलिस की निगरानी में थाने से अलग रखा जाता है। अगर महिला थाना नजदीक है तो महिला थाने में रखा जाता है।
-युवती विजयगढ़ थाने के बगल में बने महिला स्टाफ बैरक में शिखा नाम की महिला सिपाही की निगरानी में रखी गई थी। उसने किन हालात में और क्यों आत्महत्या की, ये तो जांच का विषय है। फिलहाल युवती परिवार ने युवक परिवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं पूरे मामले की जांच व पुलिस भूमिका की जांच एसपी देहात को दी गई है।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी