हाथरस पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते लोग
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पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उन्होंने शुरू से ही इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की थी, सीबीआई जांच की नहीं जबकि शासन ने इस मामले में सीबीआई जांच बैठा दी है। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिलेगी हमें तसल्ली नहीं होगी
मालूम हो कि यूपी सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए हैं। सीएम के आदेश के बाद अब सरकार सीबीआई से हाथरस कांड की जांच कराने की सिफारिश करेगी। सीएम ने यह फैसला अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के हाथरस से लौटने के बाद लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी जानकारी ट्वीट कर के दी है। सीबीआई उन तमाम पहलुओं की जांच करेगी जो 14 सितंबर से अब तक सामने आए हैं। हालांकि पीडि़त परिजनों की ओर से इस मामले में सीबीआई की जांच के बजाय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग की थी। लेकिन अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी ने लौट कर मुख्यमंत्री को पूरी बात बताई जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरा मामला सीबीआई को देने का निर्णय लिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के दोनों वरिष्ठ अधिकारी अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी हाथरस गए थे। हाथरस में दोनों अधिकारियों ने पीडि़त परिवार से मुलाकात की थी और उनकी मांग व समस्याओं के बारे में सुना था। अब इस पूरे मामले को सीबीआई के सुपुर्द करने का फैसला किया गया है।
अभी तक इस मामले की जांच मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर वहां के पांच पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।