अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी में कहा है कि उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रत्येक सदस्य से बात की है। यह बेहद दुखद घटना है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई जाएगी। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद उन्होंने डीजीपी एचसी अवस्थी के साथ पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता की।
उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें हमारे विभाग के सचिव भगवान स्वरूप हैं, इनके अलावा डीआईजी स्तर के अधिकारी चंद्रप्रकाश हैं और इस टीम में महिला अधिकारी आगरा की पीएसी कंमांडेंट पूनम हैं। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। परिवार वालों से कुछ हद तक बयान ले लिए हैं।
एसआईटी की पहली रिपोर्ट शुक्रवार की शाम को प्राप्त हुई। इसके आधार पर मुख्यमंत्री ने तत्कालीन एसपी, तत्कालीन सीओ, तत्कालीन इंस्पेक्टर, हैड मुहर्रर सहित पांच के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी। एसआईटी अब अपना काम लगातार करेगी। पीड़ित के परिवार वालों ने एक-एक चीज को नोट कराया है, उसका समाधान निकाला जाएगा। गांव में सुरक्षा की व्यवस्था बनी रहेगी। उसकी व्यवस्था के लिए कमिश्नर व आईजी सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ-साथ हम लोग जनप्रतिनियों से भी मिलेंगे। उनसे सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। एसआईटी है, अपना पूरा काम करेगी और जहां भी जो भी बयान आएंगे, उनके आधार पर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।शव को बिना परिजनों की सहमति के जलाए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि जिस बिंदु को आप उठा रहे हैं, इस बिंदु को परिजन भी उठा चुके हैं। इसे लेकर भी बात की जाएगी।
मीडिया के तमाम सवालोें का जवाब देने से बचते दिखे अधिकारी
मीडिया ने इस प्रकरण को लेकर जब अपर मुख्य सचिव व डीजीपी से कई सवाल पूछे तो अधिकारी इन सवालों का जवाब देने में कतराते रहे। मीडिया के सवालों का दौर शुरू हुआ तो अपर मुख्य सचिव व डीआईजी वहां से उठ कर चले गए, मीडिया कर्मियों ने उन्हें काफी रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह एसपी दफ्तर से निकल कर सीधे बाहर आए और अपनी अपनी गाड़ी में बैठक कर मीडिया के सवालों का जबाव दिए बिना ही निकल गए।