जवाहर पार्क में न्याय के लिए आवाज उठाते शिक्षक। स्रोत : स्वयं
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उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी को लेकर घमासान मच गया है। एक तरफ निष्कासित जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद का कहना है कि उन्हें निष्कासित करना नियम विरुद्ध है। इसलिए वह जिलाध्यक्ष के तौर पर काम करते रहेंगे।
रविवार को जवाहर पार्क में शिक्षकों ने न्याय की आवाज बुलंद की है। उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली, संविधान और जिला कार्यकारिणी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। मोहम्मद अहमद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठन के संविधान के विपरीत कार्य कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
संगठन किसी व्यक्ति विशेष की जागीर नहीं है और सभी सदस्यों को संविधान एवं संगठनात्मक नियमों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। पदाधिकारियों ने वर्ष 2026 के लिए मंडल संयोजक और सह संयोजक द्वारा बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री के पद शून्य घोषित किए जाने को असांविधानिक बताया।
संघ की अलीगढ़ इकाई ने सर्वसम्मति से वर्तमान जिला कार्यकारिणी को यथावत कार्यरत रखने की घोषणा करते हुए कहा कि निर्वाचित जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने मंडल संयोजक व सहसंयोजक की कार्रवाई को संघ संविधान के विरुद्ध बताते हुए उसे असांविधानिक घोषित किया और वर्तमान जिला कार्यकारिणी को वैध माना गया। इस अवसर पर जिला महामंत्री मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे। उधर, मंडल अध्यक्ष तेजवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश संगठन के आदेश पर जिलाध्यक्ष को निष्कासित किया गया है।