बसेरा-भदियार और बहरावद गांवों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में व्याप्त नाराजगी और समस्याओं को लेकर अमर उजाला की पड़ताल के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खबर में सामने आईं जलभराव, खराब सड़कें, टूटे शौचालय और पेयजल संकट जैसी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की अलग अलग टीमों ने यहां दौरा शुरू कर दिया।
एडीओ पंचायत केपी सिंह, सचिव मनोज कुमार के साथ गांव पहुंचे और उसके बाद अलग अलग टीमों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। बहरावद में विशेष अभियान तक शुरू कर दिया। इसके तहत यहां सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और आगे फर्श बिछाने का काम भी शुरू हो गया। गलियों में कीटनाशक दवा का छिड़काव हो रहा है। नालियों की सिल्ट निकाली गई है।
इसी तरह, खैर तहसील के बसेरा-भदियार में भी प्रशासिनक टीमें समस्याएं दूर करने में जुट गई हैं। यहां पंप लगाकर सड़कों से पानी हटाया जा रहा है। मंदिर के बराबर कीचड़ भरी सड़क को अब मजबूत कंक्रीट का स्वरूप मिलेगा। शौचालय में क्षतिग्रस्त सामान को बदलने का काम भी शुरू हो गया।
ये दोनों गांव सांसद सतीश गौतम ने गोद लिए। यहां किए गए विकास कार्यों की पड़ताल अमर उजाला ने 8 और 9 मई को प्रकाशित की जिसमें - जलभराव, खराब सड़कें, टूटे शौचालय और पानी की समस्याओं के साथ साथ ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया जो लंबित समस्याओं के समाधान न होने से नाराज भी थे।
डीएम ने प्रधान-सचिव बुलाए
बदहाली की तस्वीरें सामने आने पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने ग्राम प्रधान और सचिव को अलीगढ़ बुलाया है। बसेरा-भदियार की प्रधान बबिता के पति कुसलपाल ने बताया कि उनकी पत्नी की तबियत खराब है। इसलिए वे प्रतिनिधि के तौर पर सोमवार को डीएम से मिलने आ रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इन गांवों में बीते पांच साल के दौरान हुए विकास कार्य और उन पर हुए खर्च का हिसाब किताब मांगा जाएगा क्योंकि ग्रामीणों की समस्या और वहां की तस्वीरों के जरिये अब तक हुए कार्यों में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
ऐसौ माहौल पहलै कबू ना देखौ
बहरावद निवासी ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो दिन से उनके यहां अलग अलग अधिकारी पहुंच रहे हैं और सब व्यवस्थाओं में जुट गए। वहीं बसेरा गांव निवासी संतोष कुमार ने कहा, ''अरे भईया, ऐसौ माहौल हमन्नै पहलै कबू ना देखौ। अब तो गाड़ी पे गाड़ी आय रही हैं। गाम चमकावै में पूरौ अमलौ लग गऔ।''