शहर में कई स्थानों पर नालों से निकली सिल्ट राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। आगरा रोड पर गांधी पार्क पुलिस चौकी के पास सिल्ट निकाल कर सड़क पर डाल दी गई है। रामघाट रोड पर कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे की सिल्ट वाइपर से सड़क के बीच में कर दी है। स्टेट बैंक तिराहे पर नाला खुदाई के काम के दौरान सिल्ट को सड़क पर डाल दिया गया है। नालों से निकली सिल्ट का मुद्दा अमर उजाला और उद्योग व्यापार संगठन की पहल पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक पहुंचा था। बाद में नगर निगम ने तय किया कि नाव के आकार वाली ट्रलियों में सिल्ट भरी जाएगी और इसके लिए ऐसी विशेष ट्रलियां भी खरीदी गईं। लेकिन शहर में देखा जा रहा है कि नालों से सिल्ट निकालकर सड़कों पर ही डाली जा रही है। जबकि इसी समस्या से निपटने के लिए ट्रालियां खरीदी गई थीं।
‘सिल्ट शहर की लाइलाज समस्या है। कुछ लोग जानबूझकर इसे समस्या बनाए रखना चाहते हैं जिससे नाला सफाई में होने वाला खेल चलता रहे। एनजीटी में हम मुद्दे को लेकर गए थे। अभी भी अगर सिल्ट सड़कों पर फैलाई जा रही है तो फिर से इस स्थिति से ट्रिब्यूनल को अवगत कराएंगे’
- अनुराग गुप्ता, उद्योग व्यापार संगठन