शाहजमाल ईदगाह में हुई ईद की नमाज में मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी गई। अपनी तकरीर में शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि ईद का दिन इनाम मिलने का दिन है। आप जब घर से ईदगाह के लिए निकले होंगे तो रास्ते के दोनों तरफ अल्लाह के फरिश्ते आपको मिले होंगे। आप कहेंगे कि ये आपको नजर नहीं आए। मुझे भी नहीं दिखाई दिए, लेकिन हदीस ये कहती है तो हम सबको इस पर यकीन करना चाहिए। ये फरिश्ते रोजेदार को दुआ देते हैं। आप 29 रोजे रखने के बाद ईद की नमाज में अपना इनाम लेने आए हैं। ये इनाम नोबेेल पुरस्कार, पद्म विभूषण, पद्मभूषण और पद्मश्री से बड़ा है। मांगो क्या मांगना है..? बीमार हो तो तंदुरुस्ती मांगो, बेरोजगार हो तो रोजी मांगो। मगफिरत (अपने गुनाहाें की माफी, बुजुर्गों और रिश्तेदारों के गुनाहों की माफी) मांगो। ईद के दिन मांगो जो भी मांगना है..। अल्लाह का खजाना कभी खाली नहीं होता है। चाहे पूरी दुनिया के खजाने खाली हो जाएं। शहर मुफ्ती ने एक वाकये में जन्नत मिलने के सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि अल्लाह की रहमत मांगो..। उसकी मोहब्बत मांगो..। यही जन्नत है...।
ईद की मुख्य नमाज इमाम कारी सागिल ने अदा कराई। पहला गोला सुबह सात बजे, दूसरा सवा सात बजे और तीसरा साढ़े सात बजे दागा गया। ठीक साढ़े सात बजे नमाज शुरू हो गई और बीस मिनट में पूरी हो गई। ईद की नमाज के बाद कारी सागिल ने रमजान और ईद की नमाज के कुछ कायदों पर भी रोशनी डाली।
शहर मुफ्ती ने अपनी तकरीर में ऊपरकोट जामा मस्जिद के सामने बने नेशनल चेरीटेबिल हास्पिटल का भी जिक्र किया। बोले.. मीट एक्सपोर्टर हाजी जहीर ने अस्पताल को एक एक्सरे मशीन दी है, लेकिन ये मशीन नोटबंदी के दौर में आई, इसलिए अवाम को इसका बहुत फायदा नहीं मिल सका। उस दौर में लोगों के पास पैसों की किल्लत हो गई थी। इसके बाद मीट कारोबार पर हुई कार्रवाई से भी काम ठहरा रहा। अब उम्मीद है कि हुकूमत इस अस्पताल पर गौर फरमाएगी और इसकी माली हालात दुरुस्त होगी। शहर मुफ्ती ने कहा कि हम सभी को मिल जुल कर अलीगढ़ की तरक्की के लिए काम करना चाहिए। हमें अपने हिंदू भाइयों और दीगर समुदाय के लोगों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उनके दुख तकलीफ को समझना चाहिए। हम मिल जुल कर रहेंगे तभी हमारी तरक्की होगी। इस तकरीर के बाद ईद की नमाज अदा कराई गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों के अपने बुजुर्गों की कब्रों पर गुलाब के फूल चढ़ाए और अगरबत्ती सुलगाई। जिससे ईदगाह के आसपास के कब्रिस्तानों में पूरा माहौल खुशबू से सराबोर हो गया।
इस दौरान मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय, नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ सिटी राजकुमार सहित ऊपरकोट कोतवाली इंस्पेक्टर जावेद खां सहित बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। सभी अधिकारियों ने शहर मुफ्ती के साथ तमाम मौअज्जिज लोगों से गले मिल कर ईद की बधाईयां दीं।
अपने-अपने शिविर में रहे नेता
ईदगाह की नमाज में सपा, बसपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और औवेसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लमीन के शिविर लगे। भाजपा का भी शिविर लगा, लेकिन यहां पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अख्तर पहलवान अपने चंद समर्थकों के साथ मौजूद रहे। बाकी बड़े नेता नहीं आए। सपा के शिविर में जिलाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व नगर विधायक जफर आलम, पूर्व कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह, बाबा फरीद आजाद सहित दूसरे नेता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री ख्वाजा हलीम ईदगाह के सामने बनी अपनी पैतृक मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। जहां उनके साथ उनके पुत्र ख्वाजा जिबरान भी मौजूद रहे। बसपा के शिविर में शहर से चुनाव लड़े आरिफ बॉबी अब्बासी, छर्रा से चुनाव लड़े मो. सगीर और पूर्व जोन कोआर्डिनेटर सूरज सिंह सहित कुछ अन्य नेता मौजूद रहे।
मुफ्ती और अनम के घर पहुंचे अफसर
ईद की नमाज के बाद डीएम ऋषिकेष भास्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सहित अन्य अधिकारी शहर मुफ्ती के आवास पर पहुंचे और वहां सेवइयों से मुंह मीठा किया। सभी अधिकारियों ने शहर मुफ्ती को ईद की बधाई दी। इसके बाद पूरी टीम हाल ही में रोडरेज का शिकार हुई अनम के घर पहुंची। जहां अफसरों ने अनम के पिता असलम से मिल कर उनका दुख बांटा। अनम की दुखद मौत के बाद उसके परिवार की ये पहली ईद थी। यहां पर अनम के परिजनों को शासन से आर्थिक सहायता दिलाने पर भी चर्चा हुई। समाजसेवी गुलजार ने बताया कि अनम के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की गई है।