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भीड़ से भाजपा को आस, दूर होगा वनवास

Mon, 06 Feb 2017 02:01 AM IST
अभिषेक शर्मा
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The crowd surrounding the BJP, will dispel exile - फोटो : Rupesh
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मोदी की रैली के दौरान नुमाइश मैदान में उमड़ी भीड़ से भाजपाई सत्तासीन होने का ख्वाब देखने लगे हैं। प्रदेश में सरकार न होने के बावजूद मेरठ के बाद रविवार को अलीगढ़ की विजय शंखनाद रैली में भी उमड़ी भीड़ ने भाजपाइयों के हौसले बुलंद कर दिए। रैली में नरेंद्र मोदी ने स्वीकारा कि उनकी 2014 की रैली में यह मैदान आधा भी नहीं भरा था। मगर इस बार केसरिया लहरा रहा है। 
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भाजपा संगठन अब इस भीड़ को वोट में बदलने की जुगत में लग गया है। अपने करीब 60 मिनट के भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने भीड़ से ज्यादा विधायक जिताने के लिए वोट मांगे। भीड़ देखकर खुद मोदी का मनोबल इस कदर बढ़ गया कि अपने भाषण के अंत में वह यह कह गए कि यूपी हम जीत रहे हैं। भीड़ में इस बात की भी चर्चा रही कि भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
कई नामों को लेकर चर्चा
मंच पर लगे पोस्टर पर मौजूद आधा दर्जन चेहरों में से राजनाथ सिंह, कलराज मिश्रा, उमा भारती नाम ऐसे थे, जिनके नाम को लेकर मुख्यमंत्री पद की चर्चा होती रही। मगर हर नाम पर लोगों के अपने-अपने तर्क और अपनी-अपनी राय थी।
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पहले कभी बंद नहीं हुआ जीटी रोड
इस बार मोदी की रैली ने पिछले कई बार के रिकार्ड तोड़ दिए। इससे पहले की बात करें तो 1998-1999 में अटल जी की रैली में भी इतनी भीड़ नहीं आई। राजीव गांधी की 1990 की सभा के भी रिकार्ड तोड़े। इस बात का जिक्र रैली में मौजूद बुजुर्गवार करते रहे कि इस मैदान पर तमाम रैलियां हुई हैं, मगर भीड़ के चलते जीटी रोड कभी जाम नहीं हुआ। इस बार मोदी की रैली में आई भीड़ के कारण यह रोड बंद करनी पड़ी। रैली के बाद से सभी प्रत्याशी और भाजपा संगठन उत्साहित हैं।
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रिकार्ड रैलियां
1990 में राजीव गांधी की रैली की भीड़ याद थी लोगों को
1998-99 में अटल बिहारी वाजपेयी की रैली भी पीछे रही
2011 में राहुल गांधी की किसान पंचायत में भी जुटी थी भीड़
2014 में खुद मोदी की रैली में खाली रह गया था आधा मैदान
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