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Aligarh News: शहर अंधेरे की ओर.. 543 ट्रांसफॉर्मर में सूख रहा तेल, 10 दिन का ही स्टॉक बचा

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एटा चुंगी बाईपास स्थित बिजली घर में रखा ट्रांसफॉर्मर। - फोटो : samvad
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स्मार्ट मीटर की शिकायतों के बीच अब शहर पर अंधेरे का नया संकट गहराया। 543 ट्रांसफॉर्मरों में तेल खतरनाक स्तर तक घट चुका है और भंडारण भी लगभग खत्म है। मौजूदा हालात में बिजली विभाग के पास महज 10 दिन का ही तेल बचा है। इसके बाद आपूर्ति चरमराने का खतरा साफ दिख रहा है।
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बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सामान्य हालात में हर महीने करीब 19 हजार लीटर पावर ऑयल की जरूरत होती है, जबकि भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर यह खपत 30 हजार लीटर तक पहुंच जाती है। इसके मुकाबले विभाग के स्टॉक में सात मार्च को सिर्फ 3 हजार लीटर तेल बचा था, जिससे किसी तरह 29 मार्च तक काम चलाया गया।
अभियंताओं का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर में पर्याप्त तेल न हो तो वे ओवरहीट होकर खराब हो जाते हैं। ऐसे में एक-एक कर ट्रांसफॉर्मर फेल होने लगे तो शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है। प्रमुख इलाके सासनीगेट, भुजपुरा, मेडिकल रोड, घंटाघर, गांधी पार्क, जमालपुर, डी-सेंटर, लाल डिग्गी तक इस संकट की जद में हैं। यानी अगर हालात नहीं सुधरे तो पूरा शहर अंधेरे में जा सकता है।
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फाइलों में फंसी सप्लाई
25 से लेकर 650 केवीए तक के ट्रांसफॉर्मर को जल्द ही तेल चाहिए। यह कहते हुए बिजली विभाग के अवर अभियंता संवर्ग के अध्यक्ष पीयूष सारास्वत ने कहा कि तेल कमी के लिए बार बार उच्च अधिकारियों को पत्र भेजे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके लिए अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं, जिससे समस्या लगातार जटिल होती जा रही है। चेयरमैन ने ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत को विविध कार्यों की श्रेणी में डालने का आदेश दिया है, जिसका अभियंता पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी ट्रांसफॉर्मर के लिए तेल जल्द से जल्द उपलब्ध होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शहर एक लंबी बिजली कटौती का सामना कर सकता है।

कोई इलाका अछूता नहीं
शहर का शायद ही कोई इलाका इस संकट से अछूता हो। सासनीगेट बिजलीघर से जुड़े 67, भुजपुरा के 45, डी-सेंटर के 35, जमालपुर के 36 और आलमपुर के 38 ट्रांसफॉर्मर तेल की कमी से जूझ रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल रोड, घंटाघर, गांधी पार्क, लाल डिग्गी, किला रोड, बरौला और शांति निकेतन समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में भी यही हाल है। कुल मिलाकर 543 ट्रांसफॉर्मर ऐसे हैं, जिनमें तेल की कमी दर्ज की गई है और इनके लिए तत्काल आपूर्ति की मांग की गई है।



. ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में तेल की कमी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी, कमी मिली तो तत्काल दूर कराएंगे।
- अंशुमान यादव, कार्यवाहक चीफ इंजीनियर

क्यों खतरनाक है स्थिति
. ट्रांसफॉर्मर की ठंडक पूरी तरह तेल पर निर्भर है। गर्मी में लोड बढ़ते ही हीटिंग तेज होती है और तेल तेजी से खत्म होता है। एक बार तेल सूखा तो ट्रांसफॉर्मर कुछ देर बाद ही जवाब दे देगा और सप्लाई ठप हो जाएगी।
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