मुंबई में बारिश के साथ तीन मंजिला इमारत के ढहने और उसमें दबकर 21 लोगों की मौत के बाद अलीगढ़ शहर के पुराने और व्यस्त बाजारों में बने गिरासू भवनों का प्रकरण फिर से ताजा हो गया है। ये इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। नगर निगम ने इन भवनों की फाइलों को निकाला है।
निगम के आंकड़ों के मुताबिक शहर में 150 से अधिक इमारतें हैं। इनमें सर्राफा मार्केट, कनवरी गंज, रेलवे रोड, दुबे के पड़ाव, आगरा रोड, जयगंज, ऊपरकोट, हलवाई खाना आदि इलाकों में कई इमारतें हैं, जो जर्जर अवस्था में हैं।
एक अनुमान के मुताबिक अधिकांश परिषदीय स्कूलों को गिरासू भवनों में ही संचालित किया जा रहा है। भवन स्वामी मरम्मत इसलिए नहीं कराना चाहते, क्योंकि वे खाली कराना चाहते हैं। कुछ निजी भवन भी गिरासू हालत में हैं।
सराफा बाजार में एक दुकान के ऊपर दीवार का हिस्सा गिरासू है। रोजाना उस दीवार की कुछ ईंटें गिर जाती हैं, जिससे राहगीरों को चोट लग जाती है। एक संस्था द्वारा इस दीवार को ध्वस्त करने के लिए निगम में प्रार्थना पत्र भी दिया गया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसी प्रकार आगरा रोड, हाथरस अड्डा, जयगंज, कनवरी गंज, बारहद्वारी, रेलवे रोड, सराय हकीम, देहली गेट, ऊपर कोट आदि इलाकों में भी गिरासू भवन हैं।
ज्यादातर गिरासू भवनों के मामले अदालत में
ज्यादातर गिरासू भवनों के मामले अदालत में विचाराधीन हैं। नगर निगम का कहना है कि इनके खिलाफ कार्रवाई करने में यह बात भी आड़े आती है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो उस पर कार्रवाई कैसे करें। ऐसे में अदालत ही संज्ञान ले कि जनहित में और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन पर मामला चलता रहे लेकिन स्ट्रक्चर को रिमूव किया जाए जिससे जन हानि बचाई जा सके।