बैठक करते भाकियू टिकैत गुट के सदस्य। स्त्रोत : स्वयं
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गांव भूड़ की सरकोरिया में भाकियू कार्यकर्ताओं की पंचायत राजवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई। संचालन रामवीर सिंह ने किया। पंचायत में पूर्व जिला महासचिव चौ.नवाब सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की हाल ही में आलू खरीद के लिए की गई घोषणा हास्यास्पद है। उत्तर प्रदेश से केंद्र सरकार ने 20 लाख मीट्रिक टन आलू 6500 रुपये मीट्रिक टन की दर से खरीदने की जो घोषणा की है, अगर इसके मुताबिक हिसाब लगाया जाए तो मात्र 325 रुपये प्रति कट्टे की खरीद ही बनती है। जबकि खेत से आलू खुदाई से लेकर शीतगृह तक के भाड़े का खर्चा ही करीब 450 रुपये प्रति कट्टा बैठता है।
उन्होंने मांग की कि इस वर्ष आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री दावा कर रहे हैं कि किसानों की आमदनी आठ गुना कर दी गई है, जबकि हकीकत यह है कि भाजपा शासन में देश का किसान-मजदूर बेहद दुखी है और कर्ज में डूबता जा रहा है। वर्तमान सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रही है। पंचायत में भंवर सिह, बच्चू सिंह, किशन सिंह, नरेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, मुख्तियार सिंह, कृष्णपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।