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अलीगढ़ः नामांकन निरस्त होने पर प्रत्याशियों का डीएम आवास पर हंगामा

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प्रदर्शन करने पर हेमवंत सिंह चौहान को समझातीं डीएम सेल्वा कुमारी। - फोटो : CITY OFFICE
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बरौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे छह प्रत्याशियों के नामांकन पत्र सोमवार को जांच में निरस्त कर दिए गए। इस पर प्रत्याशियों ने बरौली की रिटर्निंग ऑफिसर व जिला प्रशासन पर गड़बड़ी कर नामांकन पत्रों को निरस्त करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सभी प्रत्याशी डीएम आवास पर पहुंच गए। यहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही नारेबाजी शुरू कर दी। डीएम सेल्वा कुमारी जे. की कार के आगे राष्ट्रीय क्रांति पार्टी की प्रत्याशी शशि राजपूत लेट गईं। उन्हें बमुश्किल महिला पुलिस कर्मियों ने हटाया। बाद में हंगामा कर रहे प्रत्याशियों को अफसरों ने समझा- बुझाकर शांत कराया। हंगामा करने वालों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में धारा 144 व महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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पहले चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। बरौली की रिटर्निंग ऑफिसर भावना विमल ने प्रेक्षक की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच की। कमियां पाए जाने पर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी की प्रत्याशी शशि राजपूत, जनसत्ता पार्टी लोकतांत्रिक के प्रत्याशी हेमवंत सिंह चौहान, निर्दलीय विनीत कुमार, केशव सिंह बघेल आदि समेत छह प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। नामांकन पत्र निरस्त होने की जानकारी पर संबंधित प्रत्याशी कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करने लगे। इसके बाद समर्थकों के साथ सभी प्रत्याशी डीएम आवास पर पहुंच गए। यहां पर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। डीएम आवास पर हंगामा व प्रदर्शन की खबर पर पुलिस व प्रशासनिक अफसर आ गए और प्रत्याशियों से प्रत्यावेदन देने के लिए कहा। इस पर प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अन्याय का किए जाने आरोप लगाना शुरू कर दिया।
इस बीच, जिलाधिकारी अपने आवास से सरकारी कार से निकलीं तो उनकी गाड़ी को घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी गई। शशि राजपूत डीएम की गाड़ी के आगे लेट गईं और कार्रवाई की मांग करने लगीं। किसी तरह महिला पुलिस कर्मियों ने शशि राजपूत को हटाया।
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डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने समझाते हुए बताया कि नामांकन पत्रों की जांच प्रेक्षक की मौजूदगी में की गई है। यदि नामांकन जांच प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं तो वे हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। इस बीच एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल व एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत कई थानों की पुलिस, पीएसी समेत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे प्रत्याशियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ।
धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि जिले में आदर्श आचार संहिता के साथ धारा 144 लागू है। कोविड- 19 (ओमिकॉन) महामारी के दृष्टिगत शासन स्तर से महामारी अधिनियम के तहत प्रतिबंध लागू हैं। इसके बारे में हंगामा कर रहे लोगों को अवगत कराया गया। किंतु इन सभी व्यक्तियों ने जिलाधिकारी आवास के सामने की सड़क पर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और दो घंटे तक सड़क को बाधित किया। यह अधिनियम में दिए गए प्रावधानों का उल्लंघन है। इस आरोप में संबंधित के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। नामांकन निरस्त होने वाले प्रत्याशियों को बताया गया कि कोई शिकायत करनी है तो वह उचित फोरम पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रस्तावक न होने पर निरस्त हुए नामांकन
विधानसभा चुनाव में दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों के लिए प्रस्तावकों की संख्या निर्धारित है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को एक प्रस्तावक देना होगा, वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावकों को साथ लाना होगा। प्रस्तावकों की संख्या कम होने पर उनका नामांकन वैध नहीं रह जाएगा। राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता एवं चुनाव वाले राज्य में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के अलावा शेष दलों के प्रत्याशियों को निर्दलीय के रूप में ही रखा जाता है।

नामांकन पत्र निरस्त कर देने पर प्रदर्शन लोग।- फोटो : CITY OFFICE

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