चार दिन पहले गोली लगने से घायल किशोर का जेएन मेडिकल कॉलेज में 3 मार्च को ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने कमर के पास फंसी गोली निकाल दी है। हालांकि इस मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि किशोर की कमर में तमंचा खोंस रखा था। स्पीड ब्रेकर पर गिरने के डर से उसने तमंचा संभालना चाहा तभी ट्रिगर दबने से गोली चल गई थी।
इस दौरान घायल किशोर और उसके साथी ने पास के गांव में रहने वाले रिश्तेदार को बुलाकर तमंचे को छिपा दिया और धनीपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंच गए। डॉक्टर ने पुलिस को सूचना के बिना इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद उसके साथी ने पीछे से आए बाइक सवारों द्वारा गोली मारने की सूचना पुलिस को दी गई।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने बाइक चला रहे घायल के साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिससे हकीकत सामने आ गई थी। वहीं चार दिन बाद भी वह तमंचा बरामद नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष रवि चंद्रवाल के अनुसार जांच चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार जनवरी माह में ससुराल से मायके लौट रही नव विवाहिता की कार पर फायरिंग करने के मामले में भी घायल किशोर और उसके दो साथियों के नाम प्रकाश में आए थे। उसके दोनों साथियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन किशोर वांछित था।