गांव बहादुरगढ़ी निवासी अपहृत 22 वर्षीय गौरव पुत्र मुकेश कुमार की हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार की सुबह नानऊ ग्राम पंचायत के मजरा हैदरनगर के पास रजबहा से बरामद हुआ है। रस्सी से हाथ व कमर में भारी पत्थर बंधा हुआ था। नाजुक अंग पर गहरे घाव थे और पहचान छिपाने के लिए शरीर के काफी हिस्से को जलाया गया था।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के परिवार वालों को खबर लगी तो वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद परिवार वाले गांव पहुंचे। वहां से सैकड़ों लोगों के साथ सड़क पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। हत्या के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार न करने की बात कहने लगे। इस दौरान पुलिस कर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ऋषिपाल कसाना फोर्स सहित मौके पर पहुंच गए। मृतक के पिता मुकेश कुमार का कहना था कि शुक्रवार को ही पुलिस चौकी तथा थाने पहुंचकर उन्होंने बेटे का अपहरण कर हत्या करने का अंदेशा जताया था। हरदुआगंज के गांव भटोला निवासी अरुण उर्फ अन्ना पुत्र सुनील उर्फ पोपी स्वामी सहित अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों ने उनके बेटे की हत्या कर दी।
पूर्व मंत्री व सीओ के समझाने पर किया अंतिम संस्कार
थाना प्रभारी ऋषिपाल कसाना के समझाने पर भी लोग नहीं माने। इसी बीच गांव पहुंचे पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह ने परिवार वालों को सांत्वना देने के साथ ही क्षेत्राधिकारी बरला से मोबाइल पर बात की। सीओ ने हत्या आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार किया। गौरव अपने पीछे पत्नी आरती सहित दो मासूम बच्चों को रोता छोड़ गए हैं।