कोतवाली क्षेत्र के गांव रसूलपुर में सोमवार सुबह 11 बजे पोखर में एक शव उतराता हुआ मिला। मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को तैराकों एवं ग्रामीणों की सहायता से बाहर निकाला। जिसकी शिनाख्त देव चौधरी उर्फ देवा (26) पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी ग्राम रसूलपुर खैर के रूप में हुई। देव चार दिनों से घर से लापता था, जिसकी गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। उसकी मौत से भड़के परिजनों ने खैर कोतवाली में हंगामा किया।
देव चौधरी बीती 5 दिसंबर को अपने मित्रों के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शाम 4 बजे होडल हरियाणा गया था। उसी रात लगभग 10 बजे वापस आकर इसी पोखर के पास से घर पर फोन किया। कहा कि मैं आ गया हूं.. फ्रेश होकर घर आ रहा हूं, लेकिन काफी इंतजार के बाद वह घर नहीं पहुंचा। उसका फोन भी बंद हो गया। परिजन पूरी रात इंतजार करते रहे।
तलाश करने पर जब कोई सुराग नहीं मिला तो 7 दिसंबर को परिजनों ने खैर कोतवाली में तीन युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी। 9 दिसंबर सोमवार को देव चौधरी का शव पोखर में तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देव की शादी 8 वर्ष पहले बंकरपुर बसई राया जिला मथुरा निवासी उषा देवी से हुई थी। मृतक अपने पीछे दो पुत्र 6 वर्षीय निखिल और 4 वर्षीय प्रशांत के साथ-साथ माता उर्मिला देवी और पिता को रोते बिलखते हुए छोड़ गया।
परिजनों ने देव की हत्या करने का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन देर शाम शव को लेकर खैर कोतवाली पहुंचे और तीन लोगों के खिलाफ हत्या में मुकद्दमा लिखवाने पर अड़ गए। परिजनों ने कहा कि जब तक मुकदमा नहीं लिख जाता, तब तक वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। खैर इंस्पेक्टर डीके सिसोदिया ने कहा कि गुमशुदगी वाली तहरीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तरमीम हो जाएगी। इस आश्वासन के बाद देर रात को उसका अंतिम संस्कार किया गया।