हरदुआगंज इलाके के गांव जटपुरा में शनिवार सुबह गली क्रिकेट के दौरान सीने में गेंद लगने से मजदूर परिवार के 12 वर्षीय आकाश की मौत हो गई। हालांकि खबर पर परिजन दौड़ते हुए उसे दीनदयाल अस्पताल लेकर गए। मगर डॉक्टरों ने सीने में गंभीर चोट का हवाला देकर मृत घोषित कर दिया। बस इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि इस संबंध में परिजनों ने कोई शिकायत नहीं कराई और बिना पोस्टमार्टम के ही शव दफना दिया।
घर पर ही मजदूरी पर ताला बनाने का काम करने वाले राजीव और पत्नी पुष्पा के दो बेटों व दो बेटियों में आकाश सबसे छोटा था। वह पास के ही प्राइवेट स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था। इन दिनों स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं और वह मोहल्ले के बच्चों संग दिन भर खेलने में ही उलझा रहता था। शनिवार सुबह भी वह रोजाना की तरह घर से खेलने निकला। तभी मोहल्ले में क्रिकेट खेलते समय एक गेंद उसके सीने में जा लगी। जब वह गेंद लगने के बाद गिर पड़ा और दर्द से कराहने लगा तो बच्चों ने उसके परिजनों को बताया। परिजन दौड़ते हुए आए और उसे दीनदयाल अस्पताल भी ले गए। मगर वहां उसे मृत घोषित कर दिया। गांव आने पर परिजनों व अन्य लोगों के समझाने पर मां-बाप ने बिना पोस्टमार्टम या अन्य किसी कार्यवाही के शव दफन करा दिया। मगर शनिवार से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।